Edited By Ramanjot, Updated: 08 Jan, 2026 11:07 AM

बच्चों का लैंगिक अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश जावेद आलम ने एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के एक मामले में नामजद दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उन्हें तीन-तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता...
Bihar News: बिहार में पश्चिमी चम्पारण जिले की एक अदालत ने बुधवार को एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में दो लोगों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
बच्चों का लैंगिक अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश जावेद आलम ने एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के एक मामले में नामजद दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उन्हें तीन-तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत डेढ़ लाख रुपया सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है। सजायाफ्ता समीर देवान और मनोज राय कंगली थाने के कठिया मठिया गांव के पोखरिया टोला के रहने वाले है।
पॉक्सो अधिनियम के प्रभारी विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि घटना तीन जुलाई वर्ष 2023 की है। सात बजे शाम में एक नाबालिग बच्ची शौच करने गांव के पूरब बसवारी में गई थी। इसी दौरान दोनों अभियुक्तों ने नाबालिग बच्ची के दुष्कर्म करने का प्रयास किया। बच्ची के शोर करने पर वहां पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को पड़कर पुलिस के हवाले किया। इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई है।