Bihar Rajya Sabha Election: तीन उम्मीदवार मैदान में उतारने जा रही BJP, इन जातियों पर लगा सकती है दांव

Edited By Ramanjot, Updated: 19 Feb, 2026 05:17 PM

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Bihar Rajyasabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान और मतगणना होगी। इस चुनाव में भाजपा तीन सीटें जीतकर अपना संख्या बल बढ़ाने की तैयारी में है। खाली हो रही सीटों पर फिलहाल राजद, जदयू और रालोमो का कब्जा है।

Bihar Rajyasabha Election 2026: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब राज्य की सियासत का अगला पड़ाव राज्यसभा चुनाव की ओर मुड़ गया है। बिहार से खाली हो रही राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है, जिसके अनुसार, 16 मार्च को मतदान और मतगणना होनी है। इस बार के चुनाव में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का राज्यसभा में आंकड़ा बढ़ने के प्रबल संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि एक अंदरूनी समझौते के तहत बीजेपी इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। 

इन दिग्गजों का कार्यकाल हो रहा समाप्त  

जिन पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें सत्तापक्ष और विपक्ष के बड़े चेहरे शामिल हैं। आश्चर्यजनक रूप से इनमें से एक भी सदस्य वर्तमान में बीजेपी का नहीं है। निवर्तमान होने वाले सदस्यों में: 

राजद (RJD): अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता। 

जदयू (JDU): रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह। 

रालोमो (RLM): उपेंद्र कुशवाहा। 

जीत का गणित: 41 विधायकों का समर्थन अनिवार्य 

राज्यसभा चुनाव के संख्या बल की बात करें तो बिहार की 243 विधानसभा सीटों के समीकरण के अनुसार, एक सीट पर जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 41 विधायकों के प्राथमिक मतों की आवश्यकता होगी। मौजूदा विधानसभा की दलीय स्थिति को देखते हुए बीजेपी तीन सीटों पर अपना दावा मजबूती से पेश करने की रणनीति बना रही है। 

जातीय समीकरणों को साधने की कवायद 

बीजेपी इस बार 'सोशल इंजीनियरिंग' और जातीय तुष्टिकरण के फॉर्मूले पर काम कर रही है। सूत्रों की मानें तो पार्टी तीन उम्मीदवारों के चयन में गैर-यादव OBC, सवर्ण और एक दलित चेहरे को प्राथमिकता दे सकती है। इस समीकरण के जरिए पार्टी आगामी लोकसभा और स्थानीय चुनावों के लिए अपने जनाधार को और मजबूत करना चाहती है। 

चयन प्रक्रिया और केंद्रीय समिति का निर्णय 

उम्मीदवारों के चयन के लिए प्रदेश भाजपा चुनाव समिति विभिन्न स्रोतों से सुझाव लेकर एक सूची केंद्रीय चुनाव समिति को भेजेगी। हालांकि, अंतिम निर्णय दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा। यह संभव है कि केंद्रीय समिति प्रदेश की अनुशंसा से अलग अपने स्वतंत्र फीडबैक के आधार पर नामों की घोषणा करे।

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