Edited By Ramanjot, Updated: 21 Feb, 2026 11:44 PM

बिहार पुलिस में चल रही व्यापक नियुक्तियों के साथ-साथ राज्य में होमगार्ड (गृहरक्षक) की भर्ती प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। गृह विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 13,500 नए गृहरक्षकों की बहाली का लक्ष्य तय किया है।
पटना: बिहार पुलिस में चल रही व्यापक नियुक्तियों के साथ-साथ राज्य में होमगार्ड (गृहरक्षक) की भर्ती प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। गृह विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 13,500 नए गृहरक्षकों की बहाली का लक्ष्य तय किया है। इस कदम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलने की संभावना है।
2025 भर्ती प्रक्रिया की स्थिति
वर्ष 2025 में 15,000 होमगार्ड पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। अब तक 11,438 अभ्यर्थियों का नामांकन पूरा किया जा चुका है। यह चयन प्रक्रिया राज्य के 34 जिलों में संचालित हो रही है। चयनित उम्मीदवारों को बुनियादी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे ड्यूटी के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
लिपिक और अनुदेशक पदों पर भी नियुक्ति
Bihar Home Guards में अधिनायक लिपिक के 128 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई है। वहीं अधिनायक अनुदेशक के 244 पदों के लिए प्रस्ताव Bihar Police Subordinate Services Commission को भेजा गया है। उम्मीद है कि इन पदों पर चयन प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी।
33 जिलों में भवन और प्रशिक्षण केंद्र
विभागीय सूत्रों के अनुसार, गृह रक्षा वाहिनी के कार्यालय और प्रशिक्षण केंद्र के लिए 33 जिलों में भूमि उपलब्ध कर ली गई है। शेष जिलों में भी जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। इससे प्रशिक्षण ढांचे को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
रिटायर्ड सेना प्रशिक्षक देंगे ट्रेनिंग
होमगार्ड प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से सेना के सेवानिवृत्त अनुदेशकों को जोड़ा जाएगा। 50 रिटायर्ड ट्रेनरों की मानदेय आधारित प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दी गई है। इससे गृहरक्षकों को अनुशासित और आधुनिक प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।
कर्तव्य भत्ता में बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने होमगार्ड के कर्तव्य भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले प्रति कार्य दिवस 774 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 1121 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इस फैसले से गृहरक्षकों की आय में सीधा लाभ होगा।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। भविष्य में भी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अन्य सुधारात्मक पहल की जाएंगी।