अब बिहार की सड़कों पर नहीं चलेंगी 'जुगाड़' गाड़ियां, परिवहन मंत्री के सख्त निर्देश; पकड़े जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

Edited By Harman, Updated: 08 Jan, 2026 10:47 AM

bihar transport department ban jugaad vehicles

Bihar News: परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य में अवैध रूप से चल रही जुगाड़ गाड़ियों के संचालन पर अब पूरी तरह रोक लगाई जायगी। मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को सख्त निर्देश...

Bihar News: परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य में अवैध रूप से चल रही जुगाड़ गाड़ियों के संचालन पर अब पूरी तरह रोक लगाई जायगी। मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को सख्त निर्देश जारी करते हुये व्यापक अभियान चलाने को कहा है। 

8 तारीख से शुरू होगा महा-अभियान

मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर पटना उच्च न्यायालय ने जुगाड़ गाड़ियों पर प्रतिबंध के आदेश दिये हैं, जिसे कड़ाई से लागू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि आठ तारीख के बाद राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ- साथ शहरी इलाकों में संचालित जुगाड़ वाहनों और उनके चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कारर्वाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वाहन आमतौर पर डीजल पंप सेट,मोटरसाइकिल के हैंडल और माल ढोने वाले रिक्शा या ठेले की बॉडी को जोड़कर बनाये जाते हैं, जो किसी भी तरह से वैधानिक मानकों पर खरे नहीं उतरते। 

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जुगाड़ वाहन मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 और बिहार मोटर वाहन नियमावली 1992 में निर्धारित किसी भी मानक का पालन नहीं करते हैं। केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली के नियम 126 के तहत अधिकृत परीक्षण एजेंसियों से इनके प्रोटोटाइप को मंजूरी का प्रमाण- पत्र भी जारी नहीं होता। इसके कारण इन वाहनों का न तो पंजीकरण हो सकता है और न ही परमिट, बीमा, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण- पत्र बन पाता है। 

मंत्री ने आगाह किया कि जुगाड़ वाहनों से दुर्घटना की स्थिति में न तो पीड़ित को और न ही वाहन मालिक को किसी प्रकार का क्षतिपूर्ति लाभ मिल पाता है। साथ ही इनका संचालन यातायात व्यवस्था को बाधित करता है और आम लोगों की सुरक्षा के लिये गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि जुगाड़ वाहनों का परिचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है और यह मामला न्यायालय के आदेशों व जनहित से जुड़ा है, इसलिये इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लागू किया जायेगा। श्रवण कुमार ने इच्छुक लोगों से अपील की कि ऐसे सभी लोग रोजगार के विकल्प के रूप में मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना और ग्राम परिवहन योजना के तहत आवेदन कर वैध वाहन खरीदें और स्वरोजगार शुरू करें। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के अंतर्गत वाहन खरीद पर सब्सिडी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। 


 

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