Edited By Ramanjot, Updated: 18 Nov, 2025 09:18 AM

बिहार में नई सरकार के गठन से पहले BJP में इस बात को लेकर जबरदस्त हलचल है कि इस बार पार्टी से कौन मंत्री बनेगा और उपमुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी।
BJP Minister List Bihar: बिहार में नई सरकार के गठन से पहले BJP में इस बात को लेकर जबरदस्त हलचल है कि इस बार पार्टी से कौन मंत्री बनेगा और उपमुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी। सोमवार को भाजपा मुख्यालय में पूरे दिन minister selection को लेकर चर्चा का दौर चलता रहा। कई नाम तेजी से उभर रहे हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कुछ तय नहीं है।
डिप्टी सीएम की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी
सूत्रों की मानें तो बिहार की नई सरकार में Deputy CM के दावेदारों में सम्राट चौधरी सबसे आगे माने जा रहे हैं। पार्टी के भीतर भी यह चर्चा है कि वह विधायक दल के नेता भी बन सकते हैं। BJP के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इस बार नेतृत्व में बड़ा चेहरा देने की तैयारी है।
अगड़ी जाति से आ सकता है दूसरा डिप्टी सीएम
दूसरे डिप्टी सीएम पद के लिए BJP अगड़ी जाति से किसी चेहरे को आगे बढ़ा सकती है। इस सूची में मुख्य रूप से तीन नाम चर्चा में हैं—
नीतीश मिश्र, नितिन नवीन और मंगल पांडेय।
हालांकि BJP का इतिहास बताता है कि पार्टी अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेती है। सुशील कुमार मोदी को छोड़कर पार्टी ने कभी भी एक ही नेता को दोबारा डिप्टी सीएम नहीं बनाया है। 2005 से 2025 तक BJP की ओर से कुल 5 उपमुख्यमंत्री बने, जिनमें 2005–2020 के बीच सुशील मोदी सबसे लंबा कार्यकाल निभाने वाले नेता रहे।
स्पीकर पद के लिए दो नामों की चर्चा तेज
Speaker of Bihar Assembly पद के लिए दो वरिष्ठ नेताओं के नाम सबसे आगे चल रहे हैं— प्रेम कुमार और रामकृपाल। हालांकि कहा जा रहा है कि इस बार BJP कुछ पुराने चेहरों को मंत्री पद से दूर रखकर संगठन में सक्रिय और नए नेताओं को मौका दे सकती है।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
नई टीम में युवाओं और ताज़ा चेहरों को शामिल करने का भी सुझाव दिया जा रहा है। इनमें दीघा के विधायक संजीव चौरसिया, और लंबे समय तक संगठन में काम करने के बाद दो बार एमएलसी रहे रजनीश कुमार का नाम प्रमुख है। रजनीश कुमार पहली बार विधायक चुने गए हैं और उन्हें जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर पार्टी मौजूदा मंत्रियों में से नीतीश मिश्र, संजय सरावगी, जिवेश रंजन समेत कई को वापस मंत्री पद दे सकती है, यानी आधे से ज्यादा मंत्री रिपीट हो सकते हैं।