Edited By Ramanjot, Updated: 11 Nov, 2025 08:31 PM

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग पूरी होते ही कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक दल के नेता और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) के पूर्व अध्यक्ष शकील अहमद खान (Shakeel Ahmad Khan) ने पार्टी की...
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग पूरी होते ही कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक दल के नेता और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) के पूर्व अध्यक्ष शकील अहमद खान (Shakeel Ahmad Khan) ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी है।
“अब कांग्रेस में बने रहना संभव नहीं” – शकील अहमद खान
अपने इस्तीफे के पत्र में शकील अहमद खान ने लिखा, “मैंने पहले ही पार्टी को सूचित किया था कि भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। मेरे तीनों बेटे कनाडा में रहते हैं और किसी की भी राजनीति में दिलचस्पी नहीं है। मैं जीवनभर कांग्रेस में रहना चाहता था, लेकिन अब यह संभव नहीं लग रहा है। मैंने दुखी मन से कांग्रेस से इस्तीफा देने का फैसला किया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनका किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। खान ने साफ किया कि “मेरे जीवन का आखिरी वोट भी कांग्रेस के पक्ष में ही जाएगा।”
मतदान के बाद ही इस्तीफा क्यों दिया?
खान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय पहले ही ले लिया था, लेकिन इसकी घोषणा उन्होंने दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद की ताकि उनके कदम से कांग्रेस को किसी भी तरह का नुकसान न हो। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता था कि मेरे इस्तीफे की वजह से पार्टी को पांच वोटों का भी नुकसान हो।”
"कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी, गठबंधन सरकार बनेगी"
हालांकि इस्तीफा देने के बावजूद उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा “मैं स्वास्थ्य कारणों से प्रचार में नहीं जा सका, लेकिन भरोसा है कि कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी और गठबंधन की मजबूत सरकार बनेगी,”।
सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर
जैसे ही शकील अहमद खान के इस्तीफे की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर यह तेजी से ट्रेंड करने लगी। कई यूजर्स ने इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका बताया, जबकि कुछ ने उनके फैसले को “नैतिक कदम” कहा।