Edited By Ramanjot, Updated: 13 Jan, 2026 08:55 PM

कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि पारंपरिक लोक कलाओं, लोकगीतों एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
Bihar News: कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि पारंपरिक लोक कलाओं, लोकगीतों एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विलुप्तप्राय लोकगीतों के संरक्षण की बहुत आवश्यकता है। इस पर विशेष रुप से ध्यान दिया जाए। मंत्री प्रसाद मंगलवार को बिहार संग्रहालय में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, विभागीय योजनाओं की समीक्षा तथा कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने मार्च–अप्रैल माह में मुंबई में फिल्म निर्माता–निर्देशकों के साथ बैठक आयोजित किए जाने का निर्देश दिया, जिससे कि बिहार फिल्म नीति से संबंधित हितधारकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित किया जा सके। उन्होंने संग्रहालयों में संरक्षित कलाकृतियों के मास्टर डाटा के संधारण तथा समय-समय पर उसके सत्यापन को अनिवार्य बताया, जिससे कलाकृतियों के सुरक्षित संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने किसी भी कार्यक्रम में स्थानीय कला एवं कलाकारों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

विभागीय सचिव प्रणव कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी ने विभागीय सचिव का स्वागत किया तथा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात मंत्री प्रसाद ने विभाग के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न जिलों से उपस्थित जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इसके बाद कलाकार पंजीयन की जिलावार समीक्षा की गई।
भागलपुर, पूर्णिया एवं गयाजी जिलों में कलाकार पंजीयन की संख्या अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर संबंधित जिलों को पंजीयन की प्रक्रिया में गति लाने के निर्देश दिए गए। सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन कलाकारों के पास औपचारिक प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं हैं, वे मान्यता प्राप्त कलाकारों के सत्यापन के आधार पर पंजीयन अथवा सत्यापन करा सकते हैं।
अटल कला भवन के लिए शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश
सचिव प्रणव कुमार ने जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों को अटल कला भवन एवं प्रेक्षागृहों के निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं स्वीकृत योजना के अनुरूप पूर्ण किया जाना चाहिए। रोहतास, गोपालगंज एवं वैशाली जिलों में, जहां अटल कला भवन हेतु भूमि उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है, वहां शीघ्र भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलाकार पेंशन योजना के तहत पात्र कलाकारों की समस्याओं का समाधान करें

कलाकार पेंशन योजना के संदर्भ में सचिव ने निर्देश दिया कि आयु निर्धारण से संबंधित समस्याओं का समाधान करते हुए पात्र कलाकारों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि पेंशन प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने पुरातत्व संरक्षण एवं विकास से संबंधित प्रस्तावों की उपलब्धता, मासिक क्षेत्र भ्रमण के उपरांत नियमित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा जिलों में निर्मित संग्रहालय हॉल के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सामाजिक सरोकार से जुड़ी फिल्मों के साप्ताहिक प्रदर्शन की संभावनाओं पर भी विचार किए जाने की बात कही गई। यह समीक्षा बैठक सह कार्यशाला विभागीय योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति, स्थानीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण तथा कलाकारों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में मानी जा रही है।
विभाग के कैलेंडर का लोकार्पण

गौरतलब है कि बैठक के दौरान मंत्री ने विभाग के कैलेंडर का लोकार्पण किया, वहीं विभाग के सचिव ने मंत्री अरुण शंकर प्रसाद को कलेंडर पर मौजूद छायाचित्रों के बारें में जानकारी दी तथा कैलेंडर की एक प्रति भेंट किया। बैठक में संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार तथा विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक रूबी ने किया।