Edited By Harman, Updated: 14 Feb, 2026 11:15 AM

Bihar News : बिहार में कानून- व्यवस्था को और अधिक सुद्दढ़, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर 11 जिलों में पदस्थापित ग्रामीण एसपी (पुलिस अधीक्षक) के कार्यक्षेत्र और अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया है। वर्ष...
Bihar News : बिहार में कानून- व्यवस्था को और अधिक सुद्दढ़, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर 11 जिलों में पदस्थापित ग्रामीण एसपी (पुलिस अधीक्षक) के कार्यक्षेत्र और अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया है। वर्ष 2022 में सृजित इन पदों के अंतर्गत आने वाले अनुमंडलों और थानों का निर्धारण कर प्रशासनिक संरचना को नई मजबूती दी गई है।
जानें किसे मिला कौन सा थाना ?
जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित जिलों में पदस्थापित ग्रामीण एसपी के अधीन आने वाले अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) और थानों की संख्या तय कर दी गई है। इससे कार्य विभाजन स्पष्ट होगा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इसके तहत गयाजी जिले के नीमचक बथानी, टिकारी, इमामगंज, शेरघाटी-1 और शेरघाटी-2 के एसडीपीओ सहित कुल 33 थाने, रोहतास जिले के सासाराम मुख्यालय कोचस (एसडीपीओ-2), डिहरी (एसडीपीओ-2) और विक्रमगंज अनुमंडल के 28 थाने, मुंगेर जिले का सदर, तारापुर और हवेली खड़गपुर अनुमंडल के 12 थाने, बेगूसराय का मंझौल, बखरी और बलिया अनुमंडल के 11 थाने, भागलपुर का कहलगांव-1, कहलगांव-2 और विधि- व्यवस्था डीएसपी के अधीन 18 थाने, पूर्णिया का बायसी, बनमनखी और धमदाहा अनुमंडल के 18 थाने, सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के नौ थाने, दरभंगा जिले के बेनीपुर, बिरौल और सदर (एसडीपीओ-2) के 19 थाने, मुजफ्फरपुर जिले के पूर्वी-1, पूर्वी-2 और सरैया अनुमंडल के 24 थाने, सारण जिले के मढ़ौरा-1, मढ़ौरा-2 और सोनपुर अनुमंडल के 18 थाने और बेतिया का सदर-2 और नरकटियागंज अनुमंडल के 21 थाने आरक्षी अधीक्षक (ग्रामीण) के अधीन होंगे। संबंधित जिलों में आरक्षी अधीक्षक कार्यालय की शाखाओं का बंटवारा जिला आरक्षी अधीक्षक द्वारा एसपी (ग्रामीण) और अन्य अधिकारियों के बीच किया जायेगा।
11 जिलों के ग्रामीण एसपी को दी 'निलंबन' वाली पॉवर
गृह विभाग ने आरक्षी अधीक्षक (ग्रामीण) के अधिकारों को भी स्पष्ट किया है, जिससे प्रशासनिक कार्य में तेजी और पारदर्शिता आयेगी। इसके तहत प्रमुख जिम्मेदारियों में अपने क्षेत्र के थानों, पुलिस प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, दर्ज मामलों (कांडों) की समीक्षा और अपराध नियंत्रण की निगरानी, सभी महत्वपूर्ण विषयों से जिला आरक्षी अधीक्षक को अवगत कराना, अपराध पंजी, दैनिक प्रतिवेदन, पेट्रोलिंग चार्ट आदि का पर्यवेक्षण और नियंत्रण, अपने अधीन पदस्थापित दारोगा, सिपाही और हवलदार को निलंबित करने का अधिकार, पुलिस लाइन के अधिकारियों के निलंबन से पहले जिला आरक्षी अधीक्षक से आवश्यक विमर्श और सप्ताह में कम से कम एक बार पुलिस परेड और पुलिस सभा में अनिवार्य उपस्थिति शामिल हैं। सितंबर, 2022 में बिहार पुलिस सेवा संवर्ग के अंतर्गत 181 नये पदों का सृजन किया गया था, जिनमें आरक्षी अधीक्षक (ग्रामीण) के 11 पद शामिल थे। अब इन पदों के कार्यक्षेत्र और अधिकारों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से प्रशासनिक ढांचा और अधिक स्पष्ट एवं सशक्त हो गया है।