Bihar Election 2025: सीटें न जीतकर भी ‘Game Changer’ बनी जन सुराज पार्टी, 15 लाख वोटों से कई क्षेत्रों में बिगाड़ा समीकरण

Edited By Ramanjot, Updated: 15 Nov, 2025 10:16 AM

rashant kishor election strategy

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी ने भले ही एक भी सीट न जीती हो, लेकिन उसका प्रभाव चुनावी गणित में साफ नजर आया है।

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी ने भले ही एक भी सीट न जीती हो, लेकिन उसका प्रभाव चुनावी गणित में साफ नजर आया है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व में पहली बार बड़े पैमाने पर उतरी इस पार्टी ने 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर राजनीति के पारंपरिक समीकरणों को हिला दिया।

 पहली बार लड़कर भी जुटाए 15 लाख वोट — 3% वोट शेयर से बड़ी उपस्थिति दर्ज

आंकड़ों के मुताबिक जन सुराज पार्टी को करीब 15 लाख वोट मिले हैं, यानी लगभग 3% वोट शेयर। यह संख्या बताती है कि पार्टी ने खासकर युवा वोटर्स और First-Time Voters पर गहरा असर छोड़ा है।

बिना सीट जीते कई क्षेत्रों में बदला चुनावी गणित

पार्टी की रणनीति ऐसी रही कि कई सीटों पर Vote Split हुआ, और इसका सीधा असर राजद और एनडीए दोनों पर पड़ा। कई क्षेत्रों में तीसरी शक्ति के रूप में जन सुराज ने मुकाबलों को त्रिकोणीय बना दिया।

कहां बिगड़ा RJD का खेल?

चेरिया बरियारपुर – RJD की हार में निर्णायक रहा जन सुराज

इस सीट पर जन सुराज उम्मीदवार को मिले भारी वोटों ने RJD उम्मीदवार सुशील कुमार की लय तोड़ दी, और फायदा सीधे JDU के खाते में गया।

शेरघाटी – राजद प्रत्याशी की बढ़त कम, LJP(RV) को मिली जीत

यहां जन सुराज तीसरी ताकत के रूप में उभरा। वोट बिखराव से RJD के प्रमोद वर्मा पीछे हो गए और LJP (Ram Vilas) को अप्रत्याशित बढ़त मिली।

कहां परेशान हुआ NDA?

जोकीहाट – जन सुराज ने काटे NDA के वोट, AIMIM को मिला फायदा

इस सीट पर जन सुराज की मौजूदगी ने JDU उम्मीदवार मंजर आलम को नुकसान पहुंचाया। वोट बंटवारे का सीधा फायदा AIMIM को मिला, जिसने यहां जीत दर्ज की।

चनपटिया – बीजेपी की हार में जन सुराज ने बदला संतुलन

यहां जन सुराज के हजारों वोटों ने मुकाबले की दिशा बदल दी। परिणामस्वरूप BJP के उमाकांत सिंह पिछड़ गए और कांग्रेस ने बढ़त बना ली।

32 सीटों पर 10,000 से ज्यादा वोट—नवोदित दल के लिए बड़ी सफलता

डेटा के अनुसार, 32 विधानसभा क्षेत्रों में जन सुराज पार्टी को 10,000 से अधिक वोट मिले। यह किसी नए क्षेत्रीय दल के लिए बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन है और बताता है कि पार्टी तेजी से जनसमर्थन जुटा रही है।

जन सुराज—बिहार की नई ‘Third Front’ बनने की दिशा में?

15 लाख से ज्यादा वोट और दर्जनों सीटों पर असर ने संकेत दे दिया है कि जन सुराज पार्टी धीरे-धीरे बिहार की राजनीति में तीसरी मजबूत धुरी बनती जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह रुझान जारी रहा तो आने वाले वर्षों में जन सुराज पार्टी किंगमेकर या निर्णायक गठबंधन शक्ति के रूप में उभर सकती है।
 

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