कोरोना के कारण ठंडा पड़ा मूर्ति बाजार, सरस्वती पूजा में एक दिन शेष रहने के बाद भी नहीं बिक पाई 90% मूर्तियां

Edited By Ramanjot, Updated: 04 Feb, 2022 02:57 PM

पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले से आए मूर्तिकार धान पाल ने शुक्रवार को बताया की कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए कोचिंग संस्थान एवं स्कूल बंद रहने से सरस्वती पूजा के आयोजन पर काफी असर पड़ा है। मूर्तियों की बिक्री नहीं हो पा रही है जिसके कारण इस बार बाजार...

पटनाः वैश्विक महामारी कोरोना के कारण सरस्वती पूजा में अब एक दिन शेष रहने के बावजूद अभी भी मूर्तिकारों के पास 90 प्रतिशत मूर्तियों की बिक्री नहीं होने से बाजार ठंडा पड़ा है।

पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले से आए मूर्तिकार धान पाल ने शुक्रवार को बताया की कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए कोचिंग संस्थान एवं स्कूल बंद रहने से सरस्वती पूजा के आयोजन पर काफी असर पड़ा है। मूर्तियों की बिक्री नहीं हो पा रही है जिसके कारण इस बार बाजार ठंडा पड़ा है। मूर्तियों के लिए बयाना (एडवांस) भी इस बार नहीं मिल सका है।

मूर्तिकार धान पाल ने बताया कि सरस्वती पूजा के समय पिछले वर्ष 80 मूर्ति बनाई थी और सभी बिक गई थी। इस बार 55 बनाई है, जिनमें से मात्र पांच की बुकिंग हुई है। लागत भी निकल पाएगी या नहीं संशय बना हुआ है। इस बार लोग अधिक संख्या में घर में ही पूजा का आयोजन कर रहे हैं, इसलिए उम्मीद है आज शाम तक या फिर कल सुबह तक मूर्ति बिक जाएगी। मौसम की मार से भी मूर्ति को बचाना एक समस्या है।

वहीं, कोरोना को लेकर प्रशासन की तरफ से भी बिना लाइसेंस के मूर्ति रख पूजा करने और डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबध लगाया गया है। दूसरी ओर स्कूल तथा सभी छात्रावास भी बंद हैं, जिसके कारण मूर्ति का बाजार पूरी तरह से ठंडा हो गया है। हालांकि मूर्तिकार अभी भी आस लगाए बैठे हैं कि सभी मूर्तियां बिक जाएंगी।

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