Edited By Ramanjot, Updated: 30 Jan, 2026 05:44 PM

वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट पर उत्पाद विभाग की नियमित शराब जांच के दौरान एक युवक पकड़ा गया, जिसकी पहचान समस्तीपुर के आठ साल से लापता सुधीर दास के रूप में हुई। सत्यापन के बाद परिजनों को सूचना दी गई और वर्षों बाद बेटे से मिलकर परिवार भावुक हो उठा।...
Bihar News : वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट पर उत्पाद विभाग की एक नियमित कार्रवाई के दौरान शराब पीने के आरोप में एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा गया है जो अपने परिजनों से दूर आठ साल से लापता था। कहने को तो यह शराब की रोकथाम लिए एक नियमित कार्रवाई थी लेकिन युवक के पकड़े जाने और उसके परिजनों को सूचित करने के बाद कहानी ने भावनात्मक रूप ले लिए और उम्मीद छोड़ चुके परिवार को आठ वर्षों के बाद अचानक उनका बेटा मिल गया।
बीते आठ वर्षों से घर से लापता था युवक
इस मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने बुधवार की शाम चेकिंग के दौरान शराब पीने के आरोप में एक युवक को पकड़ा। पूछताछ और पते के सत्यापन के क्रम में उसकी पहचान सुधीर दास, पिता ज्ञानी दास, उम्र लगभग 20 वर्ष, निवासी मरीचा गांव, थाना हलई, जिला समस्तीपुर के रूप में हुई। संबंधित थाना से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि युवक बीते करीब आठ वर्षों से अपने घर से लापता था। मामले की जानकारी मिलते ही उत्पाद विभाग ने समस्तीपुर पुलिस और परिजनों से संपर्क स्थापित किया। परिजनों के साथ मोरवा-17 की वार्ड जिला परिषद सदस्य कैलाशी दास भी मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि आज का दिन परिवार के लिए बेहद खुशी का है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद उसके परिवार का बेटा जीवित मिल सका।
खुशी के पीछे एक दर्दनाक कहानी
इस मिलन की खुशी के पीछे एक दर्दनाक कहानी उभर कर सामने आई। कैलाशी दास ने बताया कि सुधीर की शादी हो चुकी थी और उसका एक दो साल का बच्चा भी था, लेकिन वह पत्नी और बच्चे को छोड़कर अचानक कहीं चला गया। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। करीब एक साल बाद पत्नी बच्चे को लेकर मायके चली गई और चार साल तक इंतजार करने के बाद आखिरकार उसने दूसरी शादी कर ली। दास ने बताया कि सुधीर का परिवार काफी बड़ा है। वह सात भाइयों में चौथे नंबर पर है और उसकी तीन बहनें भी हैं। करीब 17 वर्ष पहले करंट लगने से उसकी मां की मौत हो गई थी।
बचपन से ही शांत स्वभाव का रहा सुधीर
सुधीर बचपन से ही शांत स्वभाव का रहा है और मजदूरी कर जीवन यापन करता था। वह घर से क्यों निकला और इतने वर्षों तक कहां रहा, इसका स्पष्ट जवाब वह अब भी नहीं दे पा रहा है, हालांकि उसने इतना जरूर बताया कि जब पैसों की जरूरत पड़ती थी, तो वह मजदूरी कर लेता था। इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने बताया कि युवक करीब आठ साल पहले घर से निकल गया था, लेकिन आज वह पुन: अपने घर वालों से मिल गया। सामान्य जांच से शुरु हुई यह कार्रवाई आखिरकार एक बिछड़े परिवार के मिलन की कहानी बन गई, जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी।