Edited By Swati Sharma, Updated: 18 Jan, 2026 02:40 PM

Patna Neet Student Case: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने शनिवार को पटना में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (Neet) की अभ्यर्थी की मौत के मामले की प्रारंभिक जांच करने वाले अधिकारी (IO) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई...
Patna Neet Student Case: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने शनिवार को पटना में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (Neet) की अभ्यर्थी की मौत के मामले की प्रारंभिक जांच करने वाले अधिकारी (IO) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने पुलिस से घटना के बाद सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई न करने का आग्रह किया।
प्रशांत किशोर ने 18-वर्षीय मृतका के परिजनों के साथ राजधानी पटना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। किशोर ने शुक्रवार को जहानाबाद में मृतका के परिवार से मुलाकात कर मामले की पुलिस जांच को लेकर सवाल उठाए थे। नीट की तैयारी कर रही छात्रा को इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में उसके छात्रावास के कमरे में बेहोश पाया गया। वह नीट परीक्षा की तैयारी के लिए निजी छात्रावास में रह रही थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ यौन शोषण हुआ और अधिकारियों पर मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
एसएसपी से मुलाकात के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर
एसएसपी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में किशोर ने कहा, “आप लोग जानते हैं कि मैंने शुक्रवार को जहानाबाद में मृतका के परिवार से मुलाकात की थी और उसके बाद मैंने मामले की पुनः जांच की मांग की थी। सरकार ने इस मामले को संज्ञान में लिया और जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया।” किशोर ने कहा, “हमारी की एसएसपी से मुलाकात का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक जांच करने वाले आईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना था। परिवार का मानना है कि मामले को संभाल रही आईओ एक महिला अधिकारी हैं और वह लापरवाहियों के लिए जिम्मेदार हैं, और इसलिए वे लोग जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि पटना के एसएसपी से यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले की जांच में पुलिस की लापरवाहियों के विरुद्ध सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई न की जाए।
आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए- Prashant Kishor
प्रशांत किशोर ने कहा, ‘‘पुलिस ने प्रारंभ में मृतका की मौत को आत्महत्या घोषित करने में जल्दबाजी की थी। अब, नवीनतम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कहा जा रहा है कि यौन शोषण की घटना को खारिज नहीं किया जा सकता। जिन्होंने इसे आत्महत्या का मामला बताया वैसे पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्होंने कहा, ‘‘हम मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं।'' उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हम सभी लड़की और उसके परिवार के लिए न्याय चाहते हैं और आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा भी होनी चाहिए।'' नीट अभ्यर्थी की मौत के बाद पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने लड़की के छात्रावास के मालिक को गिरफ्तार कर लिया।
पहले, पुलिस ने निष्कर्ष निकाला था कि उसकी मौत बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां लेने के कारण हुई थी और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विरोध प्रदर्शन और बढ़ गए। इसी बीच, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित एडीजी, आईजी (पटना) और विशेष जांच दल के अधिकारी ने शनिवार को उस छात्रावास का दौरा किया, जहां लड़की को बेहोशी की अवस्था में पाया गया था। सूत्रों ने बताया कि विशेष जांच दल के सदस्यों ने छात्रावास से कुछ साक्ष्य भी जुटाए। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने पत्रकारों से कहा, “जांच केवल नवीनतम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों की एक टीम शनिवार को जहानाबाद भी गई। अगर मृतका के परिजन चाहें, तो हम केवल उनके साथ महत्वपूर्ण साक्ष्य साझा करने के लिए तैयार हैं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य मेडिकल रिकॉर्ड शामिल हैं। उसका मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।”