Edited By Ramanjot, Updated: 18 Nov, 2025 08:58 PM

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और उसके बाद उठे पारिवारिक विवाद के बीच सोमवार (17 नवंबर) को पटना स्थित पोलो रोड पर मौजूद तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर आरजेडी की अहम बैठक हुई।
Tejashwi Yadav News: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और उसके बाद उठे पारिवारिक विवाद के बीच सोमवार (17 नवंबर) को पटना स्थित पोलो रोड पर मौजूद तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर आरजेडी की अहम बैठक हुई। इस बैठक में RJD Supremo Lalu Prasad Yadav, पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi के साथ तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान लालू प्रसाद यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी को आगे ले जाने का काम तेजस्वी ही करेंगे। उन्होंने कहा—“पार्टी का पुनरुत्थान तेजस्वी ने किया है, इन्हीं के नेतृत्व में RJD आगे बढ़ेगी।” लालू यादव की यह घोषणा पार्टी में जारी खींचतान के बीच तेजस्वी के नेतृत्व की पुन: पुष्टि मानी जा रही है।
भावुक हुए तेजस्वी यादव, बोले—“सबको निकाल देंगे तो बचेगा कौन?”
बैठक में जब तेजस्वी यादव माइक थामने पहुंचे तो उनका भावुक अंदाज़ साफ दिखाई दिया। उन्होंने कहा—“सब कहता है इसको निकाल दो, उसको निकाल दो… लेकिन अगर सबको निकाल देंगे तो पार्टी में रहेगा कौन?” तेजस्वी का यह बयान उनके नज़दीकी नेताओं—संजय यादव, रमीज और सुनील सिंह—पर लगे आरोपों की ओर इशारा माना गया। चुनाव हार के बाद इन नेताओं पर पार्टी के भीतर कई तरह के सवाल उठे थे।
नेता चुने जाने पर बोले तेजस्वी—“आपका जो निर्णय होगा, स्वीकार करेंगे”
तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं का जो भी निर्णय होगा, वे उसे स्वीकार करेंगे। इस पर राबड़ी देवी, मीसा भारती और कई विधायकों ने तेजस्वी को दोबारा विधायक दल का नेता बनाने की मांग की। बैठक का माहौल मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार तेजस्वी के समर्थन में दिखाई दिया।
रोहिणी आचार्य के आरोपों से बढ़ी टेंशन—परिवार में खुला विवाद
चुनावी हार के बाद लालू परिवार के भीतर विवाद और गहरा हो गया था। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट कर परिवार और राजनीति दोनों से दूरी बनाने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाए थे।
2025 चुनाव में RJD को मिली करारी हार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा। RJD के नेतृत्व वाले गठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिलीं, जिसमें आरजेडी 25 सीटों पर सिमट गई।