Chhath Puja: लोक आस्था के महापर्व छठ का आज तीसरा दिन, डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे व्रती

Edited By Swati Sharma, Updated: 30 Oct, 2022 10:33 AM

today is the third day of chhath the great festival of folk faith

आज के दिन व्रती प्रसाद के रूप में ठेकुआ और चावल के लड्डू बनाएंगे और शाम को बांस की टोकरी में अर्घ्य का सूप सजाएंगे। इसके बाद शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे। सोमवार को व्रत का पारण किया जाएगा और छठ पर्व संपन्न हो जाएगा। इस दिन व्रती उगते हुए...

पटनाः आज यानी रविवार को छठ महापर्व का तीसरा दिन है। आज के दिन छठ व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे। छठ पूजा का विशेष महत्व है और मान्यता है कि छठ पूजा का व्रत करने से संतान की लंबी उम्र होती है। शनिवार रात को खरना का प्रसाद खाने के बाद छठ व्रती निर्जला उपवास कर रहे हैं। वहीं आज सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बिहार के कई घाटों पर हजारों की संख्या में व्रती पहुंचेंगे।

आज डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे छठ व्रती
आज के दिन व्रती प्रसाद के रूप में ठेकुआ और चावल के लड्डू बनाएंगे और शाम को बांस की टोकरी में अर्घ्य का सूप सजाएंगे। इसके बाद शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे। सोमवार को व्रत का पारण किया जाएगा और छठ पर्व संपन्न हो जाएगा। इस दिन व्रती उगते हुए सूर्य को पानी में खड़े होकर अ‌र्घ्य देते हैं। इसके बाद प्रसाद खाकर व्रत का पारण किया जाएगा।

कई व्रती घर की छतों पर देते हैं अर्घ्य
वहीं बड़ी संख्या में छठ व्रतियों ने घाटों के अलावा घर के आंगनों, छतों और बगीचों पर भी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पानी जमा किया है। व्रती उसी पानी में सूर्य को अर्घ्य देंगे। बता दें कि पटना के गंगा घाटों जैसे पाटी पुल घाट,रानी घाट,लॉ कॉलेज घाट,पटना कॉलेज घाट,दीघा ब्रिज,कलेक्ट्रेट घाट,दरभंगा हाउस काली घाट, गाय घाट, दीघा 95 नंबर घाट समेत अन्य घाटों पर जिला प्रशासन ने व्रतियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की हैं।

सूर्य को अर्घ्य देने के लिए इन घाटों पर पहुंचते हैं लोग
इसके अलावा अन्य जिलों जैसे मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक नदी किनारे सीढ़ी घाट व आश्रम घाट पर हजारों की संख्या में व्रती पहुंचते हैं और पताही के तालाब में भी काफी संख्या में छठ व्रती पहुंचते हैं। जमुई जिले में क्यूल नदी के किनारे बने हुए बिहारी घाट, हनुमान घाट, खैरमा घाट और त्रिपुरारी घाट पर हजारों की संख्या में व्रती पहुंचते हैं। समस्तीपुर जिले में लचका घाट, जितवारपुर कोठी घाट, पुरानी दुर्गा स्थान घाट, प्रसाद घाट और नीम कालीघाट पर 50 हजार से ज्यादा व्रतियों की भीड़ उमड़ती हैं। कटिहार जिले की कारी कोसी नदी के किनारे बने कोसी छठ घाट व बालू पोखर घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अर्घ्य देने पहुंचते हैं।

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