Edited By Ramanjot, Updated: 19 Jan, 2026 05:21 PM

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद 42 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली।
Viral Video Tragedy: केरल से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद 42 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। यह मामला उस समय सामने आया, जब एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों वाला वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान कोझिकोड के गोविंदपुरम निवासी दीपक के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घटना रविवार सुबह की है।
सुबह नहीं खुला दरवाजा, कमरे में लटका मिला शव
पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह करीब 7 बजे दीपक के माता-पिता ने जब उन्हें जगाने की कोशिश की, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य सभी को झकझोर देने वाला था। दीपक अपने कमरे में फंदे से लटके मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
वायरल वीडियो से बढ़ता दबाव, फिर दर्दनाक अंत
इस मामले की जड़ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो बताया जा रहा है। वीडियो में एक महिला ने दावा किया था कि भीड़भाड़ वाली स्थानीय बस में यात्रा के दौरान एक व्यक्ति ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो पय्यानूर रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक की यात्रा के दौरान रिकॉर्ड किया गया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो को 20 लाख से ज्यादा बार देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
मानसिक तनाव में टूट गया व्यक्ति
मृतक के माता-पिता और रिश्तेदारों का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद दीपक गहरे मानसिक तनाव में चला गया था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, परिजनों का दावा है कि भारी संख्या में व्यूज और ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं ने दीपक पर जबरदस्त मानसिक दबाव बनाया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन लोकप्रियता के लिए उनके बेटे की छवि को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि वह जीवन भर विवादों से दूर रहा था।
ऑनलाइन ट्रोलिंग और अपमान बना वजह?
परिवार का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद दीपक को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, अपमानजनक टिप्पणियों और सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा।
रिश्तेदारों के मुताबिक, यही दबाव धीरे-धीरे उस पर भारी पड़ता चला गया और उसने यह कठोर कदम उठा लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
सोशल मीडिया और जिम्मेदारी का सवाल
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सामग्री किसी की जिंदगी पर कितना गहरा असर डाल सकती है। कानूनी प्रक्रिया से पहले सार्वजनिक ट्रायल और ऑनलाइन ट्रोलिंग किस हद तक खतरनाक हो सकती है यह मामला उसका उदाहरण बन गया है।