जानिए कौन हैं सम्राट चौधरी? कभी नीतीश के खिलाफ खोला था मोर्चा, अब दूसरी बार बनेंगे बिहार के डिप्टी CM

Edited By Swati Sharma, Updated: 19 Nov, 2025 05:31 PM

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Samrat Choudhary: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख घटक दलों ने बुधवार को अपने-अपने विधायक दल के नेताओं को चुना। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं,...

Samrat Choudhary: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख घटक दलों ने बुधवार को अपने-अपने विधायक दल के नेताओं को चुना। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना। सम्राट चौधरी पिछली सरकार में भी उपमुख्यमंत्री रहे थे।

जानिए कौन है सम्राट चौधरी

मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लखनपुर गांव में 16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी को राजनीति का ज्ञान उनके पिता शकुनी चौधरी से मिला है। शकुनी चौधरी खगड़िया से सांसद रहे थे। वह नीतीश कुमार की समता पार्टी के संस्थापक सदस्य रह चुके हैं। सम्राट चौधरी के भाजपा में आने के एक साल बाद वर्ष 2018 में ही उन्हें बिहार भाजपा का उपाध्यक्ष बना दिया गया। इतना ही नहीं वर्ष 2020 में प्रदेश की राजग सरकार में उन्हें पंचायती राज मंत्री की जिम्मेवारी सौंपी गई। इसके बाद 27 मार्च 2023 को वह बिहार भाजपा के अध्यक्ष बनाए गए। इससे पहले वर्ष 1999 में वह तत्कालीन राबड़ी देवी सरकार में पहली बार कृषि मंत्री बनाए गए थे लेकिन उस समय उनकी उम्र को लेकर विवाद हुआ था। वह वर्ष 2000 और 2010 में खगड़िया के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए।

कभी नीतीश के खिलाफ खोला था मोर्चा

खास बात यह है कि भाजपा में वर्ष 2017 में शामिल हुए सम्राट चौधरी ने वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से नाता तोड़ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नीत महागठबंधन में शामिल हो कर सरकार बनाने के बाद प्रण लिया था कि ‘नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतारने के बाद ही वह अपनी पगड़ी खोलेंगे।' जुलाई 2024 में जब नीतीश की भाजपा के साथ गठबंधन में वापसी हुई तो सम्राट चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया और फिर इसके बाद उन्हें बगैर पगड़ी के देखा गया।

वहीं, सम्राट चौधरी की संपत्ति की बात करें तो वह 9.29 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं पत्नी कुमारी ममता के पास 2.01 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें सम्राट चौधरी के पास कैश में सिर्फ 13 हजार 500 रुपये हैं और पत्नी के पास सिर्फ 35 हजार रुपये नकदी है। सम्राट और उनकी पत्नी के पास 20-20 लाख रुपए का सोना है यानि कुल मिलाकर 40 लाख का गोल्ड है। अलग-अलग बैंकों में सम्राट ने 27 लाख रुपये जमा किए हुए है। इसके अलावा उन्होनें 32 लाख रुपये शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड में इनवेस्ट किए हुए हैं। सम्राट चौधरी पर दो आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से एक मामला पटना में दर्ज है, जिसमें उन पर 2023 में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप है और दूसरा मामला उनके गृह जिले मुंगेर का है जिसमें उन पर पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया था।

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