लालू को फंसाने का आरोप लगाने वाले बताएं कि 10 साल में कांग्रेस ने क्यों नहीं दिलवाई क्लीनचिटः सुशील

Edited By Ramanjot, Updated: 22 Feb, 2022 09:33 AM

why manmohan singh could not get lalu clean chit in 10 years sushil

सुशील मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि लालू प्रसाद को चारा घोटाला के पांचवें मामले में भी सजा होना कोई आश्चर्य की बात नहीं, लेकिन आश्चर्य यह है कि शिवानंद तिवारी, वृषिण पटेल, प्रेमचंद मिश्रा जैसे जिन लोगों ने चारा घोटाला में मुकदमा दायर किया था, वे...

पटनाः बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने चारा घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को मिली सजा को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग लालू यादव को इस मामले में फंसाए जाने का आरोप लगा रहे हैं उन्हें बताना चाहिए कि दस साल केंद्र में राज करने वाली कांग्रेस ने उन्हें क्लीनचिट क्यों नहीं दिलवाई।

सुशील मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि लालू प्रसाद को चारा घोटाला के पांचवें मामले में भी सजा होना कोई आश्चर्य की बात नहीं, लेकिन आश्चर्य यह है कि शिवानंद तिवारी, वृषिण पटेल, प्रेमचंद मिश्रा जैसे जिन लोगों ने चारा घोटाला में मुकदमा दायर किया था, वे बाद में पलटी मारकर लालू प्रसाद से मिल गए और भ्रष्टाचार का राजनीतिक बचाव करने वाले कुतर्क देने लगे। इन पाला बदले लोगों और राजद ने भाजपा पर बार बार लालू प्रसाद को फंसाने के अनर्गल आरोप लगाए। इन लोगों को न्यायपालिका पर केवल तभी भरोसा हुआ, जब लालू प्रसाद को जमानत मिली।

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१/१. लालू प्रसाद को चारा घोटाला के पांचवें मामले में भी सजा होना कोई आश्चर्य की बात नहीं, लेकिन आश्चर्य यह है कि शिवानंद तिवारी,वृषिण पटेल, प्रेमचंद मिश्रा जैसे जिन लोगों ने चारा घोटाला में मुकदमा दायर किया था, वे बाद में पलटी मार कर लालू प्रसाद से मिल गए और भ्रष्टाचार का राजनीतिक बचाव करने वाले कुतर्क देने लगे।
 
- Sushil Kumar Modi (@sushilmodi) 21 Feb 2022

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1996 के चारा घोटाला मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद पर जब पहला अभियोग पत्र दायर हुआ, तब केंद्र में भाजपा नहीं, कांग्रेस के समर्थन वाली देवगौड़ा सरकार थी। जब लालू प्रसाद को इस मामले में पहली बार सजा हुई, तब भी भाजपा नहीं, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। अदालत और जज किसी दल के नहीं होते, फिर भी राजद एक झूठ को बार-बार बोलता रहा।
 
- Sushil Kumar Modi (@sushilmodi) 21 Feb 2022


भाजपा सांसद ने कहा कि 1996 के चारा घोटाला मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद पर जब पहला अभियोग पत्र दायर हुआ, तब केंद्र में भाजपा नहीं, कांग्रेस के समर्थन वाली देवगौड़ा सरकार थी। जब लालू प्रसाद को इस मामले में पहली बार सजा हुई, तब भी भाजपा नहीं, डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। मोदी ने आगे कहा, 'अदालत और जज किसी दल के नहीं होते, फिर भी राजद एक झूठ को बार-बार बोलता रहा। यदि लालू प्रसाद को फंसाया गया था तो 2004 से 2014 तक केंद्र में राज करने वाली कांग्रेस ने लालू प्रसाद को क्लीनचिट क्यों नहीं दिलवाई। 'उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद को सभी पांच मामलों में सजा और जुर्माना होना अंतत: न्याय की जीत है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख है कि राजद प्रमुख को इस उम्र में जेल जाना पड़ा।'

 

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