Edited By Khushi, Updated: 27 Mar, 2026 01:11 PM

Jharkhand News: झारखंड के रांची जिले में एलपीजी की किल्लत लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कभी लोग सड़क पर सिलेंडर लेकर उतरते हैं, तो कभी बुकिंग न होने पर खाना बनाने में दिक्कत आती है। ऐसे समय में घरों में खाना बनाने के लिए तीन आसान विकल्प...
Jharkhand News: झारखंड के रांची जिले में एलपीजी की किल्लत लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कभी लोग सड़क पर सिलेंडर लेकर उतरते हैं, तो कभी बुकिंग न होने पर खाना बनाने में दिक्कत आती है। ऐसे समय में घरों में खाना बनाने के लिए तीन आसान विकल्प मौजूद हैं, जिनसे आप गैस जैसा खाना बना सकते हैं।
रांची की गृहिणी रानी बताती हैं कि पिछले 10 दिनों से वे इन तीन चूल्हों का इस्तेमाल कर रही हैं और किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
1. इंडक्शन चूल्हा
सबसे पहला विकल्प है इंडक्शन चूल्हा। यह पूरी तरह बिजली से चलता है और इसमें आप आसानी से खाना बना सकते हैं। अब एडवांस इंडक्शन भी आया है, जिसमें रोटी भी सेक सकते हैं।
2. पिंक चूल्हा
दूसरा विकल्प है पिंक चूल्हा, जिसे आप बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में देख सकते हैं। इसमें छोटे-छोटे कोयले या लकड़ी के टुकड़े डालकर खाना बनाया जा सकता है। यह धुआं नहीं करता और गैस की तरह ही जलता है। इसमें लोहे का बर्नर लगा होता है, जिससे लिट्टी भी आसानी से सेक सकते हैं। यह चूल्हा खासकर ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय है और इसकी कीमत सिर्फ ₹3000 है।
3. मिट्टी और ईंट का चूल्हा
तीसरा विकल्प है देसी तरीका, यानी मिट्टी और ईंट से बना चूल्हा। घर के बाहर थोड़ा सा स्पेस होने पर इसे आसानी से बनाया जा सकता है। रांची के कई घरों में महिलाएं इसका इस्तेमाल पूड़िया और खाना बनाने के लिए कर रही हैं।
इन तीन विकल्पों से घर में खाना बनाना अब एलपीजी की किल्लत के बावजूद आसान और सुरक्षित है।