अंकित की पढ़ाई में गरीबी नहीं बनेगी बाधा, CM हेमंत ने बोकारो DC को हर संभव मदद का दिया आदेश

Edited By Khushi, Updated: 01 Apr, 2023 11:42 AM

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया स्थित बड़की पुन्नु निवासी अंकित कुमार को मैट्रिक के बाद की पढ़ाई हेतु मदद पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया स्थित बड़की पुन्नु निवासी अंकित कुमार को मैट्रिक के बाद की पढ़ाई हेतु मदद पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही उसके परिजनों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से भी आच्छादित किया जा रहा है।

CM ने बोकारो DC को हर संभव मदद का दिया आदेश
मुख्यमंत्री को उपयुक्त बोकारो ने बताया कि अंकित कुमार एवं उसके परिजनों से संपर्क कर लिया गया है। अंकित के उज्ज्वल भविष्य को लेकर जिला प्रशासन सजग है। सभी कल्याणकारी योजनाओं से अंकित के परिजनों को अच्छादित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री को जानकारी मिली कि बोकारो निवासी अंकित कुमार ने मैट्रिक परीक्षा 2022 में करीब 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह आगे की पढ़ाई करने में असमर्थ है। उपरोक्त मामले की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने उपायुक्त बोकारो को मामले की जांच कर अंकित की पढ़ाई हेतु हरसंभव सरकारी सहायता पहुंचाने एवं अंकित के परिवार को जरूरी सभी योजनाओं से जोड़ते हुए भी सूचित करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई में गरीबी बाधा न बने, इसके लिए सरकार हर स्तर पर कई योजनाएं लेकर आई है।

अंकित ने मुख्यमंत्री को किया था ट्वीट 
बता दें कि दसवीं में अच्छे नंबर आने के बाद भी आगे की पढ़ाई में असमर्थ अंकित ने सीधे मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी इस चिट्ठी के साथ उसने अपनी मार्क शीट भी अटैच की थी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर दिया था। उसे उम्मीद थी कि सरकार उसकी मदद करेगी। उसने लिखा था कि मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। मैं आगे पढ़ना चाहता हूं, मदद कीजिए,ने मैट्रिक की परीक्षा में 96.2 प्रतिशत अंक लाए हैं। मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में पहले स्थान पर रहा, पूरे जिले में मेरा स्थान तीसरा है और झारखंड में मैं नौ स्थान पर हूं। मेरे पिता कमजोर हैं, उन्हें काम करने में परेशानी होती है किसी तरह परिवार का पेट पालते हैं। मां सड़क दुर्घटना में घायल हो गयी थी उनका पैर टूट गया है। मुझे सरकार की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए बोकारो डीसी को अंकित की पढ़ाई के लिए हर संभव सरकारी सहायता पहुंचाते हुए सूचित करने का आदेश दिया है।

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