Edited By Khushi, Updated: 04 Jan, 2023 04:01 PM

भारत के आधुनिक इतिहास के सबसे चमकदार व्यक्तियों में से एक एवं झारखंड आंदोलन के प्रणेता तथा 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले कप्तान जयपाल सिंह मुंडा का व्यक्तित्व और विचार हमेशा हमें आगे बढ़ने और एक समृद्ध झारखंड के...
रांची: भारत के आधुनिक इतिहास के सबसे चमकदार व्यक्तियों में से एक एवं झारखंड आंदोलन के प्रणेता तथा 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले कप्तान जयपाल सिंह मुंडा का व्यक्तित्व और विचार हमेशा हमें आगे बढ़ने और एक समृद्ध झारखंड के निर्माण के लिए प्रेरणा देते रहेंगे।
हरीश कुमार ने जयपाल सिंह मुंडा को दी श्रद्धांजलि
जयपाल सिंह मुंडा बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक हरीश कुमार ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर, उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कुमार ने कहा कि ऑक्सफोर्ड ब्लू' का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जयपाल सिंह मुंडा आदिवासी अधिकार एवं उत्थान के मुखर प्रवक्ता थे। वे आदिवासियों की आवाज थे। संविधान सभा में आदिवासी जन विषयों एवं सवालों पर सबसे प्रखर होकर बोलने वाले राजनीतिज्ञ थे।
"जयपाल सिंह मुंडा आदिवासियों की आवाज थे"
कुमार ने कहा कि उन्होंने संविधान सभा में देश के सभी आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करते हुए उनके हक-अधिकार के लिए संविधान में व्यवस्था करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर रामगढ़ जिला खेल पदाधिकारी रूपा रानी तिर्की, वार्ड 18 की पार्षद आशा देवी, डॉ. राजेश गुप्ता, रामधन वर्मा, गोविंद झा, हरीश कुमार, दीपक वर्मा, तपन कुमार, रामप्रसाद शिवसागर, दीपक कुमार नीरज कुमार तथा कबड्डी खेल के प्रशिक्षु खिलाड़ी उपस्थित रहें।