Edited By Ramanjot, Updated: 13 Feb, 2026 11:07 PM

अगर आप राज्य में जमीन या प्लॉट लेने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाला समय आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। Prohibition, Excise and Registration Department ने Minimum Value Register (MVR) यानी सरकारी सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
पटना: अगर आप राज्य में जमीन या प्लॉट लेने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाला समय आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। Prohibition, Excise and Registration Department ने Minimum Value Register (MVR) यानी सरकारी सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी है। संभावना है कि संशोधित दरें अप्रैल 2026 से लागू हों, जिससे रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी का खर्च बढ़ जाएगा। विभागीय स्तर पर तैयारियां लगभग शुरू हो चुकी हैं और संकेत मिल रहे हैं कि मार्च 2026 के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त महंगी हो सकती है।
आखिर क्यों हो रहा है MVR संशोधन?
ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम बार 2013 में और शहरी व पेरिफेरल इलाकों में 2016 में सरकारी सर्किल रेट अपडेट किए गए थे। इस बीच बाजार में जमीन की वास्तविक कीमतों में काफी वृद्धि हो चुकी है, लेकिन सरकारी मूल्यांकन पुराने आधार पर ही चल रहा था।
इस अंतर के कारण कम मूल्य पर रजिस्ट्री और अनघोषित धन के लेन-देन की शिकायतें बढ़ रही थीं। अब सरकार हर साल MVR की समीक्षा का प्रावधान लागू करने की तैयारी में है ताकि बाजार दर और सरकारी दर के बीच संतुलन बनाया जा सके।
कैसे तय होंगे नए रेट?
15 नवंबर 2024 से 15 नवंबर 2025 के बीच रजिस्टर्ड दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में 5 उच्चतम और 5 न्यूनतम मूल्य वाले दस्तावेज चुने जाएंगे। सर्वे टीम मौजूदा बाजार दरों का फील्ड वेरिफिकेशन करेगी। अंचलाधिकारी, नगर निकाय और अन्य विभागों से समन्वय होगा। 2017 के भूमि वर्गीकरण नियमों को आधार मानकर नई दरें तय की जाएंगी। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप सरकारी दर तय करना है।
कितना बढ़ सकता है खर्च?
सामान्य तौर पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क संपत्ति मूल्य के लगभग 6–7% के आसपास होता है। यदि MVR में 2 से 4 गुना तक वृद्धि होती है, तो जमीन खरीदने की कुल लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार को इससे राजस्व में फायदा होगा, लेकिन आम खरीदारों को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की क्या सलाह?
रियल एस्टेट जानकारों का मानना है कि जो लोग जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे मार्च 2026 से पहले रजिस्ट्री कराने पर विचार कर सकते हैं। नई दरें लागू होने के बाद अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। सरकारी सर्किल रेट और जमीन की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल bhumijankari.bihar.gov.in पर विजिट किया जा सकता है या स्थानीय निबंधन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।