Edited By Ramanjot, Updated: 09 Feb, 2026 08:11 PM

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार, 9 फरवरी 2026 को लैंड फॉर जॉब मामले में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव अदालत में पेश हुए
नेशनल डेस्क: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार, 9 फरवरी 2026 को लैंड फॉर जॉब मामले में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव अदालत में पेश हुए और CBI द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। तेजस्वी ने साफ कहा कि वे इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और ट्रायल का सामना करेंगे। कोर्ट में दर्ज अपने बयान में तेजस्वी यादव ने आरोपों को बेहद निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सच्चाई अंततः सामने आएगी।
मीडिया से बातचीत में क्या बोले तेजस्वी?
अदालत की कार्यवाही के बाद मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने इसे एक रूटीन कानूनी प्रक्रिया बताया। हालांकि, जब उनसे बड़े भाई तेज प्रताप यादव के हालिया विवादित बयानों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साध ली।
कोर्ट की पिछली कार्यवाही क्या रही?
29 जनवरी 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार के सभी आरोपियों को 1 से 25 फरवरी के बीच पेश होने की छूट दी थी (वीडियो कॉन्फ्रेंस या व्यक्तिगत रूप से)। कोर्ट की टिप्पणी में कहा गया था कि मामले में आपराधिक साजिश के संकेत पाए गए हैं। तेजस्वी यादव पहले पेश नहीं हो सके थे, जिसके बाद अदालत ने 15 फरवरी तक अनिवार्य पेशी का आदेश दिया। अब इस केस में नियमित और रोजाना सुनवाई 9 मार्च 2026 से शुरू होगी।
क्या है ‘लैंड फॉर जॉब’ मामला?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। CBI के मुताबिक रेलवे में ग्रुप-D की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों के परिवारों से बिहार के अलग-अलग जिलों में जमीन ट्रांसफर कराई गई। ये जमीनें कथित तौर पर लालू परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम दर्ज की गईं।इस मामले में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं। आरोपियों में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती सहित कई नाम शामिल हैं।
बिहार की राजनीति में क्यों अहम है यह मामला?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस केस की सुनवाई जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, बिहार की राजनीति और ज्यादा गरमा सकती है। तेजस्वी यादव लगातार इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते रहे हैं और अब खुले तौर पर ट्रायल लड़ने का ऐलान कर चुके हैं।