Valentine's Day: वेलेंटाइन डे पर पार्क में बैठकर हाथ पकड़ना अपराध नहीं... जानिए क्या कहता है कानून

Edited By Khushi, Updated: 14 Feb, 2026 01:02 PM

sitting in a park on valentine s day is not a crime learn what the law says and

Valentine's Day 2026: खिली धूप, हाथ में गुलाब और पार्क की बेंच पर बैठे दो लोग। तभी अचानक खाकी वर्दी सामने आ जाए और सवाल हो—“यहां क्या कर रहे हो? घर वालों का नंबर दो!” ऐसे हालात में अक्सर कपल्स घबरा जाते हैं, लेकिन क्या सच में वेलेंटाइन डे पर किसी के...

Valentine's Day 2026: खिली धूप, हाथ में गुलाब और पार्क की बेंच पर बैठे दो लोग। तभी अचानक खाकी वर्दी सामने आ जाए और सवाल हो—“यहां क्या कर रहे हो? घर वालों का नंबर दो!” ऐसे हालात में अक्सर कपल्स घबरा जाते हैं, लेकिन क्या सच में वेलेंटाइन डे पर किसी के साथ बैठना गुनाह है? क्या पुलिस सिर्फ पार्क में बैठने पर थाने ले जा सकती है? आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि कानून क्या कहता है और आपके अधिकार कहां से शुरू होते हैं।

अश्लीलता के नाम पर कार्रवाई, लेकिन सीमा क्या है?

अक्सर पुलिस सार्वजनिक स्थान पर “अश्लीलता” का हवाला देती है। पहले इसके लिए IPC की धारा 294 लगती थी, जो अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 बन चुकी है।

BNS की धारा 296 क्या कहती है?
अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक जगह पर ऐसी अश्लील हरकत करे जिससे दूसरों को परेशानी या झुंझलाहट हो, तो यह अपराध माना जा सकता है।

लेकिन ध्यान दें:
कानून में “अश्लीलता” की साफ परिभाषा नहीं दी गई है। सिर्फ साथ बैठना, हाथ पकड़ना या सामान्य बातचीत करना अपराध नहीं है।

पुलिस क्या नहीं कर सकती?

  • बिना किसी ठोस और आपत्तिजनक हरकत के आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती।

 

  • आपको थप्पड़ मारना या बदसलूकी करना कानूनन गलत है।

 

  • आपका मोबाइल जबरन चेक नहीं कर सकती।

 

  • आपको परिवार वालों को फोन करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, अगर आपने कोई अपराध नहीं किया है।


पार्क में क्या करें, क्या न करें?

  • पार्क सार्वजनिक स्थान है, इसलिए कुछ सीमाएं जरूरी हैं।


क्या न करें:

  • ऐसी शारीरिक हरकतों से बचें जो खुलेआम आपत्तिजनक लगें।

 

  • अगर पब्लिक डिस्प्ले ऑफ अफेक्शन (PDA) शालीनता की सीमा पार करता है, तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है।


क्या करें:

  • अपने पास उम्र का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड की फोटो) रखें।

 

  • अगर आप दोनों बालिग हैं, तो किसी को आपके निजी जीवन में दखल देने का अधिकार नहीं है।

 

  • पुलिस रोके तो शांत रहें और पूछें—हमने कौन सा कानून तोड़ा है?


महिलाओं की गिरफ्तारी को लेकर नियम

अगर पुलिस थाने ले जाने की बात करे तो याद रखें कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत महिलाओं की गिरफ्तारी को लेकर विशेष नियम हैं, खासकर सूर्यास्त के बाद। पुलिस को आपकी गरिमा और गोपनीयता का सम्मान करना जरूरी है।

मोरल पुलिसिंग से कैसे बचें?

  • विनम्र रहें, लेकिन अपने अधिकार जानें।

 

  • साफ कहें—“हम बालिग हैं, शांति से बैठे हैं और कोई कानून नहीं तोड़ा है।”
  • बिना वजह डरें नहीं, क्योंकि दो बालिगों का साथ बैठना अपराध नहीं है।

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