Edited By Ramanjot, Updated: 03 Feb, 2026 04:55 PM

8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हैं। हालांकि, सरकार ने अब तक इसके लागू होने की तारीख या शर्तों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन ताजा महंगाई भत्ते (DA) के...
8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हैं। हालांकि, सरकार ने अब तक इसके लागू होने की तारीख या शर्तों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन ताजा महंगाई भत्ते (DA) के आंकड़ों ने फिटमेंट फैक्टर को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। मौजूदा संकेतों के अनुसार, आठवें वेतन आयोग में न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 रहने की संभावना जताई जा रही है।
महंगाई भत्ते के आंकड़ों से मिला संकेत
लेबर ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 के लिए अखिल भारतीय CPI-IW 148.2 अंक दर्ज किया गया है। इसके आधार पर जनवरी–जून 2026 की अवधि के लिए 2% महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। इस बढ़ोतरी के बाद सातवें वेतन आयोग के तहत कुल DA बढ़कर 60.34% हो जाएगा, जिसे भुगतान के लिहाज से 60% पर राउंड-ऑफ किया जाएगा।
यूनियन कैबिनेट से इस DA बढ़ोतरी को मार्च 2026 में औपचारिक मंजूरी मिलने की संभावना है। हालांकि आठवें वेतन आयोग को अभी अधिसूचित नहीं किया गया है, लेकिन इस DA वृद्धि को नए वेतन आयोग की अवधि की पहली संभावित बढ़ोतरी माना जा रहा है।
60% DA क्यों बना अहम बेंचमार्क
वेतन आयोगों की परंपरा के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर की गणना मौजूदा बेसिक वेतन और उस पर लागू महंगाई भत्ते के आधार पर की जाती है। सातवें वेतन आयोग के दौरान करीब दस वर्षों में DA लगातार बढ़ता रहा है। यदि जनवरी–जून 2026 की अनुमानित 2% वृद्धि को जोड़ दिया जाए, तो कुल DA बेसिक वेतन का लगभग 60% हो जाता है।
फिटमेंट फैक्टर 1.60 कैसे तय हो रहा है ।। Fitment Factor
अगर सातवें वेतन आयोग की शुरुआत में किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 100 माना जाए, तो मौजूदा DA जोड़ने के बाद उसकी प्रभावी वैल्यू 160 हो जाती है। यही गणना फिटमेंट फैक्टर को सीधे 1.60 के स्तर पर ले जाती है। इसी कारण जानकारों का मानना है कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम होना मुश्किल है, जबकि अंतिम आंकड़ा इससे अधिक भी हो सकता है।
सैलरी पर क्या पड़ेगा असर
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक होता है, जिसके आधार पर नई पे-कमीशन में संशोधित बेसिक सैलरी तय की जाती है। यदि 1.60 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 बढ़कर करीब ₹28,800 से ₹30,000 तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका मतलब बेसिक सैलरी में लगभग 60% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।