Edited By Ramanjot, Updated: 05 Feb, 2026 03:22 PM

बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में संचालित गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी हॉस्टल-लॉज का थाना स्तर पर पंजीकरण, 24 घंटे महिला वार्डन की तैनाती और स्टाफ का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया...
Bihar News : बिहार में संचालित गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार को विस्तृत परामर्श और दिशा- निर्देश जारी किए हैं और स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
24 घंटे महिला वार्डन और CCTV अनिवार्य
जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक थाना क्षेत्र में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल-लॉज का पूरा विवरण थाने में पंजीबद्ध किया जाएगा। इस पंजी के संधारण की जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क प्रभारी को दी गई है। प्रत्येक हॉस्टल- लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन की अनिवार्य तैनाती होगी और वार्डन, गार्ड, रसोइया, सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
पुरुषों के प्रवेश पर रोक
पुलिस मुख्यालय ने हॉस्टल- लॉज के मुख्य द्वार, गलियारों, डायनिंग एरिया और परिसर में कम से कम 30 दिनों के बैकअप वाले हाई रेजोलूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, मजबूत ताले, खिड़कियों में लोहे की जाली और विजिटर रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिये हैं। छात्राओं के रहने वाले क्षेत्र में पुरुषों के प्रवेश पर रोक रहेगी और मुलाकात के लिए अलग विजिटर रूम की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
इसके साथ ही रात्रिकालीन उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम, 112 आपातकालीन नंबर, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड से संबंधित पोस्टर लगाने और 112 इंडिया ऐप की महिला सुरक्षा सुविधाओं के प्रति छात्राओं और स्टाफ को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने थानाध्यक्षों, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड को नियमित निरीक्षण, दैनिक भ्रमण और सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, छात्रा की तबीयत बिगड़ने या आपात स्थिति में वाडर्न को तुरंत अभिभावकों और स्थानीय पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा।