Edited By Ramanjot, Updated: 16 Jan, 2026 02:42 PM

पत्रकार संघ ने कहा, "पंजाब केसरी ग्रुप जनता की आवाज है और यह निडर, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता कर रहा है। मीडिया संस्थान पर दबाव, छापेमारी, बिजली आपूर्ति रोकना और प्रशासनिक हथकंडे के जरिये आवाज दबाने की कोशिश केवल एक संस्थान नहीं बल्कि लोकतंत्र...
बिहार डेस्क: पंजाब की भगवंत मान सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। सरकार ने पिछले कुछ दिनों से पंजाब केसरी समूह की प्रिंटिंग प्रैसों व अन्य संस्थानों पर धावा बोल रखा है। पंजाब केसरी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के खिलाफ सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर WJAI (Web Journalists' Association of India) ने कड़ी आलोचना की है।
यह लोकतंत्र पर हमला है- WJAI
पत्रकार संघ ने कहा, "पंजाब केसरी ग्रुप जनता की आवाज है और यह निडर, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता कर रहा है। मीडिया संस्थान पर दबाव, छापेमारी, बिजली आपूर्ति रोकना और प्रशासनिक हथकंडे के जरिये आवाज दबाने की कोशिश केवल एक संस्थान नहीं बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।"
बता दें कि आज समूह की बठिंडा प्रिंटिंग प्रैस में रेड मार कर कुछ कर्मचारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और कुछ कर्मचारियों से मारपीट करके उन्हें घायल कर दिया गया जो सिविल अस्पताल बठिंडा में दाखिल हैं। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को पंजाब में अघोषित आपातकाल करार दिया है।