Edited By Ramanjot, Updated: 20 Nov, 2025 07:36 PM

नीतीश कुमार ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले कर नया अध्याय लिख दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है।
पटना (विकास कुमार): नीतीश कुमार ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले कर नया अध्याय लिख दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। इन 26 मंत्रियों में से 11 मंत्री अति पिछड़े और अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं। यानी शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या के आधे से थोड़ा कम इन्हीं दो सामाजिक समूहों से आते हैं। दरअसल विधानसभा चुनाव में अति पिछड़े और दलित समाज ने बढ़ चढ़ कर एनडीए के पक्ष में मतदान किया है,इसलिए अति पिछड़े और दलित समाज को सरकार में बड़ी हिस्सेदारी भी मिली है।
‘अनुसूचित जाति के 5 नेता बने कैबिनेट मंत्री’
नीतीश कैबिनेट में अनुसूचित जाति से आने वाले 5 नेताओं को मंत्री बनने का अवसर मिला है। पासवान,रविदास,पासी और मांझी/मुसहर समाज के नेताओं को सरकार में भागीदारी मिली है। पासवान समाज के दो विधायकों को मंत्री बनाया गया है। वहीं रविदास समाज के एक विधायक को मंत्री बनने का अवसर मिला है। इसके अलावा पासी समाज से आने वाले अशोक चौधरी को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वहीं संतोष कुमार सुमन बिहार सरकार में मांझी/मुसहर समाज का फिर से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
| मंत्री |
जाति |
पार्टी |
| अशोक चौधरी |
पासी |
JDU |
| संतोष कुमार सुमन |
मांझी/मुसहर |
HAM |
| सुनील कुमार |
रविदास |
JDU |
| लखेंद्र कुमार रौशन |
पासवान |
BJP |
| संजय कुमार |
पासवान |
LJPR |
‘श्याम रजक को आगे मिल सकता है मौका’
अनुसूचित जाति की उपजातियों में केवल ‘रजक’ समाज से किसी नेता को मंत्री नहीं बनाया गया है। ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि अगले चरण के विस्तार में जेडीयू कोटे से श्याम रजक को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। श्याम रजक के मंत्रिमंडल में शामिल हो जाने से अनुसूचित जाति के तमाम उपजातियों को सरकार में उचित हिस्सेदारी मिल जाएगी।
‘सरकार में अति पिछड़े समाज की बढ़ी धमक’
अति पिछड़ा समाज एनडीए का कोर वोट बैंक माना जाता है। ऐसे में नीतीश सरकार में अति पिछड़े समाज के बड़े नेताओं को उचित हिस्सेदारी मिली है।अति पिछड़ा समाज से आने वाले दिलीप जायसवाल,मदन सहनी,रमा निषाद, अरुण शंकर प्रसाद, डॉ. प्रमोद कुमार और नारायण प्रसाद को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। अति पिछड़ा समाज के 5 नेताओं को बीजेपी के कोटे से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है,जबकि एक मंत्री जेडीयू कोटे से बनाया गया है।
| मंत्री |
जाति |
पार्टी |
| दिलीप जायसवाल |
कलवार |
BJP |
| रमा निषाद |
मल्लाह |
BJP |
| अरुण शंकर प्रसाद |
सूड़ी |
BJP |
| डॉ. प्रमोद कुमार |
कानू |
BJP |
| नारायण प्रसाद |
तेली |
BJP |
| मदन सहनी |
मल्लाह |
JDU
|
प्रेम कुमार को मिल सकता है स्पीकर का पद
अति पिछड़े समाज से आने वाले प्रेम कुमार को विधानसभा में स्पीकर बनाया जा सकता है। प्रेम कुमार बीजेपी के सीनियर लीडर हैं। अगर उन्हें स्पीकर बनाया जाएगा तो अति पिछड़े समाज का भरोसा बीजेपी पर और भी बढ़ जाएगा।
साफ है कि वोटिंग पैटर्न को देखकर बीजेपी और जेडीयू ने अति पिछड़े और अनुसूचित जाति के नेताओं को ज्यादा तरजीह दी है। एनडीए की कोशिश है कि अति पिछड़े और अनुसूचित जाति का विश्वास कायम रखा जाए। ये आंकड़े बताते हैं कि एनडीए इन दोनों सामाजिक समूहों के भरोसे पर खरी उतरी है।