Edited By Ramanjot, Updated: 10 Jan, 2026 12:00 PM

रोहिणी ने X पर लिखा है- "बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं .. हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है...
Rohini Acharya News: राजद प्रमुख लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने बिना नाम लिए एक बार फिर भाई तेजस्वी (Tejashwi Yadav) और उनके करीबी संजय यादव (Sanjay Yadav) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बड़ी विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, इसके लिए "नए बने अपने" ही काफी होते हैं।
रोहिणी ने X पर लिखा है- "बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं .. हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर "अपने" ही आमादा हो जाते हैं ..
रोहिणी ने आगे लिखा, जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है। तब "विनाशक" ही आँख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है।
चुनाव में हार के बाद लालू परिवार में घमासान
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद लालू परिवार में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई है। तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज नेमत पर परिवार को तोड़ने के आरोप लगे। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने चुनावी हार की जिम्मेदारी को लेकर तेजस्वी और उनके करीबी नेताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राबड़ी आवास में उनके साथ अभद्रता हुई और चप्पल उठाई गई। इसके बाद रोहिणी ने परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति छोड़ने तक का ऐलान किया, जिसके बाद सियासी हलकों में हलचल पैदा हो गई।
कौन हैं संजय यादव?
संजय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले हैं और 2012 के आसपास दिल्ली में तेजस्वी से जुड़े थे। आईटी कंपनी की नौकरी छोड़कर पटना आए संजय को आज तेजस्वी की राजनीति का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है।