Edited By Harman, Updated: 13 Feb, 2026 02:37 PM

Bihar Desk : सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'फॉलोअर्स' पाने का जुनून लोगों में इस कदर सिर चढ़ा हुआ है कि वे कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण बिहार के मुंगेर में देखने को मिला है। यहाँ कंचन देवी नाम की एक महिला को रील बनाने के शौक ने न...
Bihar Desk : सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'फॉलोअर्स' पाने का जुनून लोगों में इस कदर सिर चढ़ा हुआ है कि वे कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण बिहार के मुंगेर में देखने को मिला है। यहाँ कंचन देवी नाम की एक महिला को रील बनाने के शौक ने न केवल विवादों में डाल दिया, बल्कि अब पुलिस की बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। महिला पर बिहार में पूर्ण शराबबंदी का उल्लंघन करने और हथियार के साथ फोटो वायरल करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पहले पति को थमाया गुलाब, फिर छलकाया जाम
मामला 7 फरवरी का बताया जा रहा है। कंचन देवी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह अपने पति को 'Rose Day' की बधाई देते हुए पहले गुलाब देती हैं। लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब वह मुस्कुराते हुए पति को शराब की बोतल थमाती हैं और गिलास में शराब परोसती नजर आती हैं। बिहार जैसे राज्य में, जहाँ शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध है, इस तरह का सार्वजनिक प्रदर्शन सीधे तौर पर कानून को चुनौती देना माना गया।
ब्यूटी पार्लर में पिस्टल के साथ पोज देना पड़ा महंगा
शराब वाली रील का विवाद थमा भी नहीं था कि महिला की एक और तस्वीर के वायरल होने से हड़कंप मच गया। इस तस्वीर में महिला एक ब्यूटी पार्लर के अंदर हाथ में पिस्टल लेकर पोज देती नजर आ रही थी। रील और फोटो के वायरल होते ही मुंगेर पुलिस एक्शन मोड में आ गई।
एसपी ने की सख्त कार्रवाई
मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की। पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ कि
फोटो में दिख रही पिस्टल कंचन देवी की नहीं, बल्कि विशाल कुमार नामक व्यक्ति की लाइसेंसी पिस्टल थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि लाइसेंसी हथियार को किसी अन्य व्यक्ति को प्रदर्शन के लिए देना या सोशल मीडिया पर दिखाना आर्म्स एक्ट का उल्लंघन है।
दर्ज हुई FIR
पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि कंचन देवी और हथियार के असली मालिक विशाल कुमार, दोनों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब न केवल आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कस रही है, बल्कि विशाल कुमार के हथियार का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।