Edited By Harman, Updated: 12 Jan, 2026 11:22 AM

Patna High Court News: पटना हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस की एक गंभीर लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल बिहार के मधेपुरा जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही ढाई महीने तक जेल में बंद रखा। पटना हाई कोर्ट ने इस गिरफ्तारी...
Patna High Court News: पटना हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस की एक गंभीर लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल बिहार के मधेपुरा जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही ढाई महीने तक जेल में बंद रखा। पटना हाई कोर्ट ने इस गिरफ्तारी को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। साथ ही बिहार सरकार को 5 लाख रुपए जुर्माना भरने का आदेश दिया।
बता दें कि यह फैसला 9 जनवरी को न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति रितेश कुमार की खंडपीठ ने सुनाया। नाबालिग लड़के के परिजनों की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। पीठ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए साफ तौर पर कहा कि यह अवैध गिरफ्तारी का मामला है। ऐसी परिस्थितियों में एक संवैधानिक न्यायालय चुप्पी साध कर नहीं बैठ सकता।
पटना हाई कोर्ट ने नाबालिग लड़के की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए उसे 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। फिलहाल जुर्माना बिहार सरकार देगी। इसके साथ ही पाीड़ित परिवार के केस लड़ने में खर्च हुए 15,000 रुपये भी अलग से देने का आदेश सुनाया। इसके अलावा पटना हाई कोर्ट ने बिहार के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कराएं और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करें। जांच पूरी होने के बाद दोषी अधिकारियों से जुर्माने का पैसा वसूला जाएगा।