Edited By Ramanjot, Updated: 16 Jan, 2026 01:15 PM

Samastipur News: जानकारी के अनुसार, ताजपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक ज्वेलरी दुकान में चोरी के शक में दुकानदार ने अपने यहां काम करने वाले कर्मी को बुलाया और पूछताछ के दौरान उसकी जमकर पिटाई कर दी। विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने भी...
Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले से पुलिस बर्बरता का एक शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां ताजपुर थाना क्षेत्र में ज्वेलरी दुकान में चोरी के आरोप में एक ज्वेलरी कर्मी को पुलिस हिरासत में अमानवीय प्रताड़ना दिए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित ने थर्ड डिग्री टॉर्चर, पेट्रोल से यातना और रिश्वत की मांग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है।
चोरी के आरोप में पहले दुकानदार, फिर पुलिस ने की पिटाई
जानकारी के अनुसार, ताजपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक ज्वेलरी दुकान में चोरी के शक में दुकानदार ने अपने यहां काम करने वाले कर्मी को बुलाया और पूछताछ के दौरान उसकी जमकर पिटाई कर दी। विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने भी पीड़ित के साथ मारपीट की और उसे थाने ले गई।
थाने में कई दिनों तक रखा, थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि उसे कई दिनों तक ताजपुर थाने में अवैध रूप से बंद रखा गया। इस दौरान पुलिस ने उसके साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। पीड़ित ने दावा किया कि थाने में मलद्वार के रास्ते सिरिंज से पेट्रोल डालकर उसे प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
छोड़ने के बदले मांगे पैसे, परिजनों ने किया इनकार
पीड़ित के परिजनों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ने के बदले पैसों की मांग की थी। जब परिजनों ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने समस्तीपुर के एसपी से पूरे मामले की शिकायत की। लगातार प्रताड़ना के कारण पीड़ित की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए ताजपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।
वीडियो वायरल, एसपी ने की कार्रवाई
मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में पुलिस की लापरवाही और गंभीर आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद ताजपुर थाना अध्यक्ष, केस के आईओ और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।