Edited By Harman, Updated: 06 Feb, 2026 09:38 AM

बिहार के वैशाली जिले से बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सदर अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिजनों ने बच्चा बदलने का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का दावा है कि अस्पताल कर्मियों ने पहले उन्हें बेटा होने की...
Bihar Desk: बिहार के वैशाली जिले से बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सदर अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिजनों ने बच्चा बदलने का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का दावा है कि अस्पताल कर्मियों ने पहले उन्हें बेटा होने की जानकारी दी, लेकिन बाद में उन्हें एक नवजात बच्ची सौंप दी गई।
नसबंदी के बाद बदला गया नवजात
जानकारी के अनुसार, गोरौल थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी धीरज कुमार की पत्नी गुंजन देवी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे ऑपरेशन से बच्चा हुआ। परिजनों को बताया कि गुंजन ने एक बेटे को जन्म दिया है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर गलत जानकारी दी। उन्होंने बताया, "हमारी पहले से एक चार साल की बेटी है। जब हमें बताया गया कि बेटा हुआ है, तो हमने नसबंदी कराने की सहमति दे दी। लेकिन करीब एक घंटे बाद जब कपड़े में लपेटकर बच्चा सौंपा गया, तो वह बेटी थी।" परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के अंदर बच्चा बदला गया है।
भारी बवाल के बाद डॉक्टर-नर्स फरार
अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद मौके से डॉक्टर और नर्स फरार हो गए। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच करने में जुट गई है।
मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद ने कहा, "रिकॉर्ड के अनुसार प्रसूता ने बेटी को ही जन्म दिया है। हालांकि, परिजनों को गलत सूचना किसने और क्यों दी, इसकी जांच के लिए एक विशेष टीम बना दी गई है। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।"