Edited By Khushi, Updated: 30 Mar, 2026 02:33 PM

Jharkhand News: ट्रेन में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए सबसे आरामदायक माने जाने वाले एसी कोच अब अपराधियों की आसान निशाना बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला असम से टाटानगर आ रही अंकिता अग्रवाल (34) के साथ हुआ।
Jharkhand News: ट्रेन में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए सबसे आरामदायक माने जाने वाले एसी कोच अब अपराधियों की आसान निशाना बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला असम से टाटानगर आ रही अंकिता अग्रवाल (34) के साथ हुआ। आरोप है कि उन्हें ट्रेन में एक संदिग्ध चादर ओढ़ाने के बाद बेहोश कर दिया गया और उनके लाखों रुपये के गहने और महंगा मोबाइल चोरी कर लिया गया।
ट्रेन में महिला यात्री के साथ लाखों की लूट
जानकारी के अनुसार, अंकिता 27 मार्च को असम के सोनितपुर जिले के सिलघाट टाउन से अपने परिवार के साथ नगांव एक्सप्रेस (15630) में एसी कोच A-1 (2AC) में सवार हुई थीं। कुछ समय बाद ट्रेन के कोच अटेंडेंट ने उन्हें बिना पूछे एक अनसील बेडशीट थमा दी। ठंड के कारण अंकिता ने चादर ओढ़ ली। कुछ ही देर बाद वह गहरी नींद में चली गईं। जब उन्होंने अगले दिन 28 मार्च को पाकुड़ स्टेशन के पास होश पाया, तो पाया कि उनके पर्स से चार सोने की चूड़ियां, 70-80 ग्राम का भारी सोने का ब्रेसलेट, iPhone 13 Pro और 13 हजार रुपये नकद गायब थे। चोरी गई चीजों की कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है।
अंकिता ने अपने स्मार्टवॉच से फोन ट्रैक किया, जिसकी आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल के वीरभूम में मिली। उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर तुरंत शिकायत की, लेकिन कई स्टेशनों तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली। बाद में पहुंचे आरपीएफ कर्मियों ने केवल फीडबैक फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए।
अंकिता ने कोच अटेंडेंट रजिमुल खान और पैंट्री स्टाफ शिवचरण सोनी पर मिलीभगत का संदेह जताया। उनका कहना है कि उसी दिन ट्रेन के अन्य कोचों में भी चोरी हुई, जिससे यह मामला संगठित गिरोह की योजना लग रही है। टाटानगर जीआरपी ने जीरो प्राथमिकी दर्ज कर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पाकुड़ रेल थाना भेज दिया है।