Edited By Khushi, Updated: 08 Mar, 2026 11:26 AM

Jharkhand News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। चक्रधरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक पिता को अपने नवजात बच्चे के शव को लकड़ी के डिब्बे में रखकर गांव ले जाना पड़ा। इस घटना ने स्वास्थ्य...
Jharkhand News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। चक्रधरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक पिता को अपने नवजात बच्चे के शव को लकड़ी के डिब्बे में रखकर गांव ले जाना पड़ा। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नवजात की मौत
जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र के बांगारासाई गांव के रहने वाले रामकृष्ण हेम्ब्रम ने अपनी पत्नी रीता तिरिया को प्रसव के लिए चक्रधरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवार को उम्मीद थी कि घर में खुशियां आएंगी। बीते शनिवार को बच्चे का जन्म तो हुआ, लेकिन जन्म के कुछ समय बाद ही स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण नवजात की मौत हो गई।
घटना सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी
रामकृष्ण हेम्ब्रम का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद जब उन्होंने शव को गांव ले जाने के लिए अस्पताल से एम्बुलेंस मांगी, तो उन्हें एम्बुलेंस नहीं दी गई। मजबूरी में उन्होंने एक लकड़ी का डिब्बा लिया और उसी में बच्चे के शव को रखकर गांव के लिए रवाना हो गए। यह घटना सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, अस्पताल प्रभारी डॉ. अंशुमन शर्मा का कहना है कि पिता की ओर से एम्बुलेंस की कोई मांग नहीं की गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।