जाली मुद्रा के बड़े नेटवर्क का खुलासा: 25 लाख के नेपाली और 18,500 के भारतीय नोट बरामद, 12 गिरफ्तार

Edited By Ramanjot, Updated: 02 Feb, 2026 02:46 PM

nepali notes worth 25 lakh and indian notes worth 18 500 recovered

बिहार के पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने जाली मुद्रा के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। रक्सौल और मेजरगंज बॉर्डर पर 25 लाख नेपाली और 18,500 भारतीय जाली नोट बरामद किए गए। इस मामले में 12 लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें 4 नेपाली नागरिक शामिल...

Bihar News : भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में जाली मुद्रा के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने रक्सौल और मेजरगंज बॉर्डर पर छापेमारी कर कुल 25 लाख नेपाली और 18,500 भारतीय जाली नोट बरामद किए। इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। 

सीमावर्ती छापेमारी में खुला जाली मुद्रा का कारोबार 

रक्सौल पुलिस उपाधीक्षक (DSP) मनीष आनंद ने बताया कि हरैया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो बाइक सवार जाली नोट लेकर रक्सौल में आ रहे हैं। दोनों को पकड़े जाने पर उनके पास से 18,500 भारतीय जाली नोट बरामद हुए। उनके निशानदेही पर सीतामढ़ी के मेजरगंज में छापेमारी की गई, जहां से 25 लाख नेपाली जाली नोट, 12 मोबाइल फोन, नोट छापने के रसायन और इस्तेमाल होने वाला कागज जब्त किया गया। 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि 

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं: 

  • नेपाल के बागमती प्रदेश निवासी 30 वर्षीय तिलक बहादुर थिंग 
  • नेपाल के जिला बारा निवासी 31 वर्षीय सरोज कुमार और साजन कुमार 
  • नेपाल के जिला सिरहा निवासी श्रीदेव महतो 
  • बिहार के मधुबनी जिला, जयनगर थाना निवासी दिलीप कुमार सिंह 
  • सीतामढ़ी, मेजरगंज थाना निवासी रौशन कुमार, राकेश सिंह, साहेब कुमार, विकास कुमार पटेल और मो. असलम 

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर हैं। राकेश सिंह हाल ही में 16 साल की जेल की सजा पूरी कर के बाहर आए हैं और उन पर STF पर गोली चलाने जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं, मो. असलम के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और जाली नोट से जुड़े मामले दर्ज हैं। 

जाली नोट का ट्रांजिट रूट और चुनाव संबंधी आशंका 

जांच के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह नेटवर्क लंबे समय से चल रहा था और जाली नोट ट्रांजिट के लिए सीतामढ़ी-मेजरगंज बॉर्डर का इस्तेमाल कर रहा था। जालसाज एक हजार के असली नोट के बदले तीन हजार जाली नोट देते थे। सीमावर्ती क्षेत्रों में छोटे डिलीवरी पॉइंट बनाए गए थे, जिनके जरिए नोट नेपाल और भारत में आसानी से भेजे जा सकते थे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नेपाल में आगामी 5 मार्च को होने वाले चुनाव में इस जाली मुद्रा का व्यापक उपयोग करने की योजना थी। यह पहला मौका था जब गिरोह ने रक्सौल बॉर्डर का ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल किया और पकड़ा गया। 

सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई जारी 

पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने मौके से तीन बाइक और एक पटना नंबर की कार भी जब्त की है। STF और स्थानीय पुलिस अब अन्य संभावित सप्लायर और डिलीवरी पॉइंट की पहचान कर जांच को आगे बढ़ा रही हैं। इस बड़े खुलासे के बाद सीमांचल क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। 

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