8th Pay Commission: अब कर्मचारी खुद तय करेंगे अपनी सैलरी! फिटमेंट फैक्टर से लेकर बेसिक पे तक... आयोग ने मांगे ये सुझाव

Edited By Ramanjot, Updated: 08 Feb, 2026 06:25 PM

8th pay commission now employees will decide their own salaries

8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 49 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों से वेतन, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर पर सुझाव मांगे गए हैं। इच्छुक व्यक्ति 16 मार्च, 2026 तक MyGov पोर्टल पर उपलब्ध 18 सवालों के जवाब देकर अपनी राय दर्ज करा सकते हैं।

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लाइव कर दी है और नए वेतन ढांचे को लेकर व्यापक स्तर पर सुझाव आमंत्रित किए हैं। यह कदम करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की भविष्य की सैलरी और पेंशन तय करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। 

MyGov पोर्टल पर मांगे गए 18 अहम सवालों के जवाब 

आयोग ने स्पष्ट किया है कि वेतन निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी और समावेशी बनाने के लिए MyGov पोर्टल का सहारा लिया जा रहा है। कर्मचारियों और पेंशनर्स से कुल 18 श्रेणियों के तहत सुझाव मांगे गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: फिटमेंट,  फैक्टर, इंक्रीमेंट और पेंशन। 

यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दिल्ली के जनपथ से शुरू हुआ काम, जानें कब तक आएगी रिपोर्ट

सुझाव देने की समयसीमा और प्रक्रिया 

आयोग ने सुझाव जमा करने के लिए 16 मार्च, 2026 की समयसीमा निर्धारित की है। इच्छुक व्यक्ति लिंक ( https://www.mygov.in/mygov-survey/8th-central-pay-commission-questionnaire/) पर जाकर अपना फीडबैक दे सकते हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि केवल पोर्टल के माध्यम से आए सुझावों पर ही विचार होगा। ईमेल या डाक द्वारा भेजे गए पत्रों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी ताकि कर्मचारी बिना किसी हिचक के अपनी बात रख सकें। 

यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, एक्सपर्ट ने बताया कब से बढ़कर मिलेगी सैलरी?

इन लोगों से मांगे गए हैं सुझाव 

8वें वेतन आयोग ने केवल कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को इस चर्चा में शामिल किया है:

  • केंद्रीय और राज्य कर्मचारी/पेंशनभोगी।
  • न्यायिक अधिकारी और अदालतों के कर्मचारी।
  • विभिन्न कर्मचारी यूनियन और एसोसिएशन।
  • शिक्षाविद, शोधकर्ता और नियामक निकायों के सदस्य।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!