Edited By Ramanjot, Updated: 17 Jan, 2026 05:24 PM

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है।
Basant Panchami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। वर्ष 2026 में वसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार, 23 जनवरी को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं Basant Panchami 2026 importance और इस पर्व से जुड़ी खास मान्यताएं।
वसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है? (Why Basant Panchami is celebrated)
धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि की रचना के समय ब्रह्माजी ने जब अपने कमंडल से जल का छिड़काव किया, तब उसी जल से वीणा धारण किए मां सरस्वती प्रकट हुईं। इसी कारण वसंत पंचमी को देवी सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन Saraswati Puja traditions का विशेष महत्व होता है।
इसके साथ ही, यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक माना जाता है। ठंड के मौसम के बाद आने वाली वसंत ऋतु को प्रकृति की नई ऊर्जा, हरियाली और उल्लास का समय कहा जाता है, जिसे शास्त्रों में ‘ऋतुराज’ की संज्ञा दी गई है।
बसंत पंचमी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां सरस्वती के अवतरण से ही संसार में ज्ञान, विद्या, संगीत और कला का प्रसार हुआ। इस दिन भक्तजन पीले वस्त्र धारण करते हैं, पीले फूल और प्रसाद अर्पित करते हैं तथा पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा करते हैं।
Education, Music & Art से जुड़े नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। बच्चों के लिए अक्षर लेखन, विद्यारंभ और शिक्षा की शुरुआत भी इसी दिन कराना शुभ फलदायी माना जाता है।
वसंत पंचमी: एक अबूझ मुहूर्त क्यों?
वसंत पंचमी को हिंदू धर्म में अबूझ मुहूर्त का दर्जा प्राप्त है। अर्थात इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन जैसे शुभ कार्य बिना पंचांग देखे किए जा सकते हैं। इसी वजह से वसंत पंचमी को शुभता, सौभाग्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है और देशभर में इस दिन बड़े पैमाने पर धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन होते हैं।