बिहार मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज: 14 जनवरी के बाद 9 नए मंत्री ले सकते हैं शपथ, जदयू को 6 और BJP को 3 सीटें!

Edited By Ramanjot, Updated: 05 Jan, 2026 09:07 AM

bihar cabinet expansion 2026

बिहार में एनडीए सरकार बनने के करीब दो महीने बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह विस्तार 14 जनवरी के बाद किसी भी समय हो सकता है।

Bihar Cabinet Expansion: बिहार में एनडीए सरकार बनने के करीब दो महीने बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह विस्तार 14 जनवरी के बाद किसी भी समय हो सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हालिया दिल्ली दौरे के दौरान इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर बातचीत हुई है, जिसके बाद अटकलें और मजबूत हो गई हैं।

9 नए मंत्री बनने की संभावना

सूत्रों के मुताबिक विस्तार में कुल 9 नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें जनता दल (यूनाइटेड) के हिस्से 6 और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कोटे से 3 मंत्री शामिल होने के आसार हैं। इससे मंत्रिमंडल की कुल संख्या 35 तक पहुंच जाएगी, जो राज्य में अधिकतम 36 मंत्रियों की सीमा के काफी करीब होगी।

वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जदयू के 9 मंत्री हैं, जबकि बीजेपी से 14 मंत्री कार्यरत हैं – जिनमें दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी शामिल हैं। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं।

जदयू में नए चेहरों की जरूरत क्यों?

जदयू कोटे में कई वरिष्ठ मंत्री एक साथ कई विभाग संभाल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर विजय कुमार चौधरी चार विभागों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जबकि बिजेंद्र यादव के पास पांच महत्वपूर्ण मंत्रालय हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कार्यभार को संतुलित करने और संगठन में बेहतर समन्वय के लिए नए नेताओं को मौका देना आवश्यक है।

खास तौर पर अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के उन नेताओं पर फोकस है, जिन्हें अभी तक कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। यह कदम सामाजिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम नामों का चयन खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे।

बीजेपी का फोकस उम्र और क्षेत्रीय संतुलन पर

बीजेपी की तरफ से राज्य मंत्री नितिन नवीन के राष्ट्रीय पद पर नियुक्त होने के बाद एक स्थान खाली हुआ है, जहां वे दो विभाग संभाल रहे थे। पार्टी नए मंत्री चुनते समय युवा चेहरों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ उम्र, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखेगी। तीन नए मंत्रियों के चयन में यह संतुलन साफ दिखेगा।

सरकार लगभग पूर्ण मंत्रिमंडल के साथ काम करेगी

बिहार विधानसभा नियमों के अनुसार मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। प्रस्तावित विस्तार के बाद मंत्रियों की संख्या 35 हो जाएगी, यानी सरकार पूर्ण क्षमता के साथ काम करने लगेगी। इससे विभिन्न विभागों में कार्यक्षमता बढ़ने और नीतिगत फैसलों में तेजी आने की उम्मीद है।

राजनीतिक हलकों में इस विस्तार को एनडीए की एकजुटता का संदेश भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नामों की औपचारिक घोषणा का इंतजार है।

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