Edited By Ramanjot, Updated: 15 Nov, 2025 01:23 PM

2025 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने प्रचंड विजय हासिल की है।विधानसभा चुनाव के नतीजों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कामकाज पर एक तरह से जनता ने मुहर लगा दी है।
(पटना) विकास कुमार: 2025 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व में एनडीए (NDA) ने प्रचंड विजय हासिल की है।विधानसभा चुनाव के नतीजों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कामकाज पर एक तरह से जनता ने मुहर लगा दी है। वहीं नीतीश कुमार के साथ से बीजेपी, लोजपा रामविलास, हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को बड़ी जीत हासिल हुई है। वहीं तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन को भी 2010 की तरह करारी हार का सामना करना पड़ा है।2025 के विधानसभा चुनाव के नतीजे ने एक बार फिर ये साबित कर दिया है कि नीतीश कुमार का नाम ही जीत की गारंटी है।
"20 साल का काम, एक बार फिर नीतीश के नाम"
1990 से 2005 के बीच लालू-राबड़ी शासन में बिहार विकास की दौड़ में काफी पीछे छूट गया था।आरजेडी के शासन में पूरे बिहार में सड़क,बिजली,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो गई थी। इसके अलावा जंगलराज और अपराधियों के तांडव से बिहार की आम गरीब जनता त्रस्त थी। 2005 में जब से नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद संभाला तब से बिहार में चौतरफा विकास देखने को मिला। नीतीश सरकार ने 20 साल में आधारभूत संरचनाओं में अभूतपूर्व काम किया। गांव गांव तक 24 घंटे बिजली पहुंचाई गई और लाखों लोगों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई।
महिला वोट = NDA की सबसे मजबूत दीवार
बिहार में महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही जाता है। यही वजह है कि महिलाओं ने चुनाव में बढ़ चढ़ कर मतदान कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामकाज पर मुहर लगाया है।
नीतीश मतलब 'जीत की गारंटी'
2025 के विधानसभा चुनाव ने एक बार फिर से ये साबित कर दिया है कि नीतीश कुमार का साथ ही जीत की गारंटी है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी तीन चुनाव लड़ चुकी है-2015, 2020 और 2025। साल 2015 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ से आरजेडी को पुर्नजीवन मिला था। वहीं 2015 में नीतीश कुमार से अलग होकर लड़ने वाली बीजेपी को 55 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार जब बीजेपी के साथ आए तो भारतीय जनता पार्टी का स्ट्राइक रेट भी सुधर गया। वहीं 2025 में नीतीश कुमार का साथ मिलने से बीजेपी और एनडीए के दूसरे घटक दलों को बड़ी सफलता मिली जबकि आरजेडी के नेतृत्व वाले गठबंधन को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया। इससे ये साबित होता है कि नीतीश मतलब जीत की गारंटी है।
नीतीश कुमार ने जनता का शुक्रिया अदा किया
लगातार पांचवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की जनता का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने जनता के सहयोग को इस जीत का श्रेय दिया और कहा कि यह सबके प्रयासों का फल है। नीतीश कुमार ने विशेष रूप से चार नेताओं को धन्यवाद दिया, जिनके योगदान से एनडीए को यह सफलता मिली। उन्होंने जनता का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखा है कि,‘बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में राज्यवासियों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति विश्वास जताया है। इसके लिए राज्य के सभी सम्मानित मतदाताओं को मेरा नमन, हृदय से आभार एवं धन्यवाद।आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनसे मिले सहयोग के लिए उनका नमन करते हुए हृदय से आभार एवं धन्यवाद। एनडीए गठबंधन ने इस चुनाव में पूरी एकजुटता दिखाते हुए भारी बहुमत हासिल किया है। इस भारी जीत के लिए एनडीए गठबंधन के सभी साथियों- चिराग पासवान, जीतन राम मांझी एवं उपेन्द्र कुशवाहा को भी धन्यवाद एवं आभार।आप सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा’।
पांच जीत लगातार- नीतीश बने भरोसे की मिसाल
2025 के नतीजे के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गिनती देश के ऐसे चुनिंदा नेताओं में होने लगी है, जिन्होंने लगातार पांच विधानसभा चुनाव जीते हों। इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का वादा किया है। उम्मीद है कि नीतीश बाबू के नेतृत्व में 2025 से 2030 में बिहार विकास की नई कहानी लिखेगा।