Edited By Ramanjot, Updated: 06 Feb, 2026 04:49 PM

Cardiac arrest symptom: सर्दियों में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने से हार्ट पर दबाव बढ़ता है, जिससे जोखिम और अधिक हो जाता है। बचाव के लिए ठंड से बचें, तनाव कम करें और आपातकाल में तुरंत CPR दें।
Cardiac arrest symptoms: भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच दिल की बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही हैं। 'कार्डियक अरेस्ट' एक ऐसी स्थिति है जो बिना चेतावनी के आती है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि हमारा शरीर घटना से कुछ समय पहले कुछ खास संकेत जरूर देता है। यदि इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो जान बचाई जा सकती है। विशेषकर सर्दियों के मौसम में, जब रक्तचाप (BP) बढ़ने की संभावना अधिक होती है, दिल का ख्याल रखना और भी अनिवार्य हो जाता है।
इन 6 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
कार्डियक अरेस्ट आने से पहले शरीर में निम्नलिखित बदलाव महसूस हो सकते हैं:
सीने में बेचैनी: छाती में दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होना। यह दर्द कुछ मिनटों के लिए आ सकता है और फिर वापस जा सकता है।
शरीर के ऊपरी हिस्सों में दर्द: दर्द का केवल सीने तक सीमित न रहकर कंधों, बाईं बांह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना।
सांस लेने में तकलीफ: बिना किसी भारी काम के अचानक सांस फूलना या दम घुटना।
ठंडा पसीना: बिना गर्मी या मेहनत के अचानक शरीर पर ठंडा और चिपचिपा पसीना आना।
पाचन संबंधी समस्या: अचानक मतली, उल्टी या पेट में भारीपन महसूस होना जिसे अक्सर लोग गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
चक्कर आना: अचानक सिर घूमना, आंखों के आगे अंधेरा छाना या बेहोशी महसूस होना।
सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है जोखिम?
सर्दियों के दौरान तापमान कम होने से शरीर की रक्त धमनियां (Blood Vessels) सिकुड़ जाती हैं। इसके कारण रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है और हृदय को खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। यदि धमनियों में हल्की भी ब्लॉकेज है, तो बढ़ा हुआ बीपी उसे गंभीर स्थिति में पहुंचा सकता है, जो हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का कारण बनता है।
आपातकालीन स्थिति में क्या करें?
घबराएं नहीं: सीने में दर्द होने पर तुरंत बैठ जाएं और लंबी सांसें लें। तनाव स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
CPR की भूमिका: यदि कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए या सांस लेना बंद कर दे, तो उसे तुरंत CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) दें। इसके लिए सीने के बीच वाले हिस्से को दोनों हाथों से जोर-जोर से दबाएं।
चिकित्सीय सहायता: बिना देरी किए एम्बुलेंस बुलाएं या नजदीकी अस्पताल पहुंचें।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत पेशेवर डॉक्टर से परामर्श लें।)