Edited By Ramanjot, Updated: 29 Jan, 2026 05:52 PM

आयकर विभाग ने गया जिले में एक साथ तीन ठिकानों पर छापेमारी कर अनाज कारोबार से जुड़े व्यापारियों के रिकॉर्ड की जांच की। कोतवाली थाना क्षेत्र के हाथ गोदाम और मानपुर इलाके में स्थित गोदामों को सील कर दस्तावेज, खाता-बही और डिजिटल डेटा खंगाले गए। टैक्स...
IT Raid in Gaya : आयकर विभाग ने गुरुवार को बिहार के गया जी जिले में तीन जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई को रूटीन जांच नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तलाशी और जब्ती अभियान बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय कारोबारी समुदाय में चिंता की लहर दौड़ गई है। जैसे ही आयकर विभाग की गाड़ियां कोतवाली पुलिस स्टेशन इलाके के हाथ गोदाम क्षेत्र में पहुंचीं, पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
बिजनेस रिकॉर्ड की गहन जांच की
सूत्रों ने बताया कि छापेमारी अनाज कारोबार से जुड़े दो कारोबारियों के ठिकानों पर की गई, जिनमें से एक शहर का जाना-माना चावल मिल मालिक है। सुबह-सुबह शुरू हुए इस ऑपरेशन के तहत तुरंत ठिकानों को सील कर दिया गया, आवाजाही पर रोक लगा दी गई और बिजनेस रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने दस्तावेजों, खाता-बही, लेनदेन के रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच शुरू की। यह ऑपरेशन सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं था। आयकर टीम ने मानपुर इलाके में स्थित एक गोदाम को भी अपने कब्जे में ले लिया, जहां से अतिरिक्त रिकॉर्ड जब्त किए गए और उनकी जांच की गई।
छापेमारी के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सूत्रों के मुताबिक, विभाग को शक है कि बिजनेस ऑपरेशन की आड़ में बड़े पैमाने पर आय छिपाई गई है, जो कथित तौर पर लंबे समय से टैक्स चोरी की ओर इशारा करता है। छापेमारी के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। किसी भी तरह की गड़बड़ी या बाहरी दखल को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस तैनात की गई थी। आयकर अधिकारी पूरी गोपनीयता बनाए हुए हैं, खासकर नकद लेनदेन, निवेश से जुड़े दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
व्यापारियों और उद्योगपतियों में बेचैनी
हालांकि आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन छापेमारी के पैमाने और तालमेल से पता चलता है कि जांच सिर्फ एक छोटा ऑपरेशन नहीं है। कई जगहों पर एक साथ तलाशी से पता चलता है कि यह संभावित रूप से एक बड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच है। इस ऑपरेशन से व्यापारियों और उद्योगपतियों में साफ तौर पर बेचैनी है, और पूरा कारोबारी समुदाय यह देखने के लिए करीब से नजर रख रहा है कि क्या खुलासे होते हैं और आगे कौन इसमें फंस सकता है।