Edited By Ramanjot, Updated: 04 Jan, 2026 09:39 AM

बिहार के पूर्णिया जिले में साइबर अपराधियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई है। साइबर सेल और जिला खुफिया यूनिट की संयुक्त टीम ने एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया,
Purnea Cyber Crime: बिहार के पूर्णिया जिले में साइबर अपराधियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई है। साइबर सेल और जिला खुफिया यूनिट की संयुक्त टीम ने एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कर साइबर फ्रॉड करवाता था। इस ऑपरेशन में दो पीओएस एजेंटों को पकड़ा गया, जो आपस में रिश्ते में सगे भाई हैं। पुलिस ने उनके पास से ठगी में इस्तेमाल हुए कई डिजिटल सबूत और उपकरण बरामद किए हैं।
मामला कैसे खुला: 20 हजार की ऑनलाइन ठगी से शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला तब सामने आया जब स्थानीय कोर्ट में कार्यरत राहुल कुमार ने साइबर ठाने में शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, एक अज्ञात नंबर से कॉल कर ठगों ने उन्हें बहकाया और बैंक अकाउंट से 20,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। एसपी के आदेश पर साइबर डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर की अगुवाई में स्पेशल टीम बनी। तकनीकी जांच से पता चला कि ठगी में इस्तेमाल हुआ सिम कार्ड अररिया से लिंक है।
अररिया से पूर्णिया तक का कनेक्शन: भोले-भाले लोगों को बनाया शिकार
जांच टीम जब अररिया के सिम धारक चंद्रपाल मुखिया से मिली तो हैरान करने वाला तथ्य सामने आया। चंद्रपाल खुद धोखे का शिकार थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बनमनखी क्षेत्र के रसाढ़ गांव के संतोष कुमार और रितेश कुमार नाम के दो भाइयों ने सिम पोर्ट का झांसा देकर उनके डॉक्यूमेंट्स चुराए और फर्जी सिम जारी करवाया। इसी सिम से राहुल कुमार के साथ ठगी की गई।
शनिवार को पुलिस ने रसाढ़ गांव में छापेमारी कर दोनों भाइयों को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे निर्दोष लोगों के कागजात का गलत उपयोग कर फर्जी सिम बनवाते थे और इन्हें साइबर क्रिमिनल्स को ऊंचे दामों पर बेचते थे।
यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और खरीदारों की तलाश कर रही है।