Edited By Radhika, Updated: 26 Feb, 2026 02:12 PM

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बिहार के अररिया जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 'लेटी' और 'इंदरवा' सीमा चौकियों पर कई परियोजनाओं का उद्घाटन और ई-शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और सीमांचल में जनसांख्यिकीय...
नेशनल डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बिहार के अररिया जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 'लेटी' और 'इंदरवा' सीमा चौकियों पर कई परियोजनाओं का उद्घाटन और ई-शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और सीमांचल में जनसांख्यिकीय बदलाव की चुनौतियों पर कड़ा संदेश दिया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में साफ किया कि केंद्र सरकार बिहार के सीमांचल क्षेत्र को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए एक 'निर्णायक अभियान' शुरू करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को हटाने का मतलब केवल मतदाता सूची से नाम काटना नहीं है, बल्कि उन्हें भारतीय धरती से पूरी तरह बाहर करना है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में होने वाले सभी अवैध कब्जों और निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। घुसपैठ न केवल चुनावों को प्रभावित करती है, बल्कि गरीबों के हक का राशन और युवाओं के रोजगार भी छीनती है।
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SSB को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश
भारत और नेपाल के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने जवानों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि भले ही पड़ोसी देश मित्र है, लेकिन देशद्रोही तत्व इस खुले रास्ते का फायदा उठाकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने SSB को अपनी खुफिया (Intelligence) नेटवर्किंग मजबूत करने और सीमावर्ती गांवों के निवासियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने की सलाह दी।
बंगाल और झारखंड में जनसांख्यिकीय बदलाव पर जताई चिंता
अमित शाह ने दावा किया कि घुसपैठ के कारण पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की जनसांख्यिकी (Demographics) में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि वहां भाजपा की सरकार बनते ही सीमा पर बाड़ लगाने (Border Fencing) का काम पूरा किया जाएगा और घुसपैठियों को बाहर निकालना प्राथमिकता होगी।