Edited By Ramanjot, Updated: 07 Feb, 2026 10:32 AM

बिहार के गोपालगंज जिले के डुमरिया गांव में एक दर्दनाक हादसे में बेकाबू स्कूल बस झोपड़ी से टकरा गई, जिससे दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना चालक की गैरमौजूदगी में बस चलाने की कोशिश के दौरान हुई। हादसे में एक गर्भवती महिला गंभीर रूप से...
Road Accident: बिहार के गोपालगंज जिले में शुक्रवार को एक दुखद दुर्घटना हुई, जहां एक बेकाबू स्कूल बस सड़क किनारे एक झोपड़ी से टकरा गई, जिससे मौके पर ही दो बच्चों की मौत हो गई। घटना जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव की है।
मृतकों की पहचान जहीरुद्दीन के चार साल के बेटे आरिश और मुमताज के ढाई साल के बेटे इम्तियाज के रूप में हुई है। दोनों बच्चे चचेरे भाई थे और दुर्घटना के समय झोपड़ी के अंदर सो रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कटेया थाना क्षेत्र के जमुन्हा के एक प्राइवेट स्कूल की बस ड्राइवर के घर के पास खड़ी थी। बताया जा रहा है कि बस ड्राइवर अब्बास गाड़ी पार्क करने के बाद खाना खाने अंदर गया था। उसकी गैरमौजूदगी में उसके बड़े भाई सफरुद्दीन ने चाबियां लीं और बस चलाने की कोशिश की। उसने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया, जिससे गाड़ी सड़क से उतर गई और सीधे उस अस्थायी झोपड़ी से टकरा गई, जिससे वह पूरी तरह से नष्ट हो गई।

कुछ दिनों में होने वाली थी महिला की डिलीवरी
उस समय झोपड़ी के अंदर मौजूद एक गर्भवती महिला, आरिश की मां, गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे तुरंत एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उसका मेडिकल देखरेख में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में उसकी डिलीवरी होने वाली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया। आरोपी ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है और घटना में लापरवाही और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
डुमरिया गांव में छा गया मातम
अधिकारियों ने पुष्टि की कि उस समय बस में मौजूद सभी 20 स्कूली बच्चे सुरक्षित हैं। इस घटना से डुमरिया गांव में मातम छा गया है। दोनों पीड़ित गरीब मजदूर परिवारों के थे। आरिश चार बहनों में अकेला भाई था, जबकि इम्तियाज दो भाइयों में बड़ा था। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजे की मांग की है। इस दुखद घटना से पूरा समुदाय सदमे में है, निवासी दोनों बच्चों की असमय मौत पर शोक मना रहे हैं और उस लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं जिसके कारण यह हादसा हुआ।