Edited By Ramanjot, Updated: 26 Nov, 2025 09:04 PM

बिहार में ट्रेन रूट के जरिए चल रहे बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश आखिरकार हो गया है। पांच महीनों से फरार चल रहा मुख्य आरोपी मोहम्मद नैयर को GRP मुजफ्फरपुर ने जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया।
Muzaffarpur News: बिहार में ट्रेन रूट के जरिए चल रहे बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश आखिरकार हो गया है। पांच महीनों से फरार चल रहा मुख्य आरोपी मोहम्मद नैयर को GRP मुजफ्फरपुर ने जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया। यह मामला मई 2025 में उस समय पकड़ में आया था, जब 15204 लखनऊ–बरौनी एक्सप्रेस की जनरेटर पावर कार से 700 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। इस कार्रवाई के बाद दर्ज FIR में नैयर मुख्य आरोपी बना था।
ट्रेनों में चाय बेचने की आड़ में चल रहा था शराब का धंधा
जांच में सामने आया कि नैयर समस्तीपुर के उजियारपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह दिखावे में ट्रेनों में चाय बेचता था, लेकिन पर्दे के पीछे इसी पहचान और आवाजाही का फायदा उठाकर शराब की सप्लाई चेन खड़ी कर रखी थी। मौके से पकड़े गए जनरेटर पावर कार के संविदाकर्मी गुलशन कुमार ने कबूला कि वह कई दिनों से रोज शराब की खेप मुजफ्फरपुर पहुंचा रहा था और सारी डिलीवरी नैयर को मिलती थी।
RPF और GRP के कर्मियों से मिलीभगत का सनसनीखेज खुलासा
मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। RPF के कई जवानों और GRP के एक एसआई से लगातार बातचीत के 50–80 कॉल रिकॉर्ड मिले। इन अधिकारियों पर शक गहराया तो सभी संदिग्ध कर्मियों का तबादला कर दिया गया। एक RPF जवान ने लिखित में बताया कि नैयर का कटही पुल के पास होटल है, जहां पुलिसकर्मी अक्सर खाना खाते थे। इसी संपर्क ने उसे लंबे समय तक बचाए रखा।
रेल एसपी के निर्देश के बाद बनी विशेष टीम, जंक्शन से दबोचा गया तस्कर
रेल एसपी वीणा कुमारी ने लंबित मामलों की समीक्षा में नैयर की गिरफ्तारी को प्राथमिकता दी थी। इसके बावजूद वह महीनों तक पकड़ से बाहर रहा। आखिरकार खुफिया टीम ने मुजफ्फरपुर जंक्शन पर छापेमारी की और नैयर को गिरफ्तार कर सोनपुर रेल थाना को सौंप दिया गया। यह गिरफ्तारी इस बात की पुष्टि करती है कि पूरा रैकेट जंक्शन को ही मुख्य हब बनाकर चल रहा था।