Edited By Ramanjot, Updated: 14 Feb, 2026 05:55 PM

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि जनवरी 2026 तक DA 60% पहुंचता है, तो सरकार इसे आधार बनाकर नया फिटमेंट फैक्टर तय कर सकती है।
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट के बीच अब सबसे बड़ा सवाल 'फिटमेंट फैक्टर' को लेकर उठ रहा है। हालांकि आयोग की अंतिम सिफारिशों में अभी 18 से 20 महीने का समय शेष है, लेकिन कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि के पुराने पैटर्न्स के आधार पर गणना शुरू कर दी है। जानकारों का मानना है कि यदि सरकार पिछले आयोगों की परंपरा को दोहराती है, तो 1 जनवरी 2026 तक होने वाला 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) नए वेतन निर्धारण का मुख्य आधार बन सकता है।
DA और फिटमेंट फैक्टर का पुराना कनेक्शन
7वें वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए किया गया था। इसके लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था। इस फॉर्मूले का विश्लेषण करें तो स्पष्ट होता है कि:
- फिटमेंट फैक्टर (2.57) का लगभग 2.25 हिस्सा केवल महंगाई भत्ते के न्यूट्रलाइजेशन (समायोजन) के लिए था।
- शेष हिस्सा वास्तविक वेतन वृद्धि और पे-स्ट्रक्चर में बदलाव के लिए रखा गया था।
8वें वेतन आयोग में क्या होगा बदलाव?
वर्तमान रुझानों और AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर, जनवरी 2026 तक केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% तक पहुंचने का अनुमान है। यदि 8वां वेतन आयोग इसी 60% DA को आधार मानता है, तो फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण नए सिरे से होगा।
संभावित आधार: 1 जनवरी 2026 को अनुमानित 60% DA
न्यूनतम वेतन की उम्मीद: यदि 2.57 या उससे अधिक का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये से 34,000 रुपये के बीच हो सकता है।
सरकार का रुख और समय सीमा
फिलहाल सरकार ने फिटमेंट फैक्टर के किसी भी निश्चित आंकड़े की पुष्टि नहीं की है। 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में अधिसूचित किया गया था और इसे रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। इसका अर्थ है कि मई 2027 से पहले आधिकारिक आंकड़े सामने आना मुश्किल है, लेकिन डीए की बढ़ती दरें कर्मचारियों की उम्मीदों को पंख लगा रही हैं।