Edited By Ramanjot, Updated: 15 Jan, 2026 08:56 PM

राज्य में औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य सरकार ने उद्योग विभाग में एकल विंडो सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे विभाग ने रफ्तार पकड़ ली है। विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से निवेशकों को सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
पटना: राज्य में औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य सरकार ने उद्योग विभाग में एकल विंडो सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे विभाग ने रफ्तार पकड़ ली है। विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से निवेशकों को सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि उन्हें कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सात निश्चय 3 के तहत बिहार में उद्योगों का जाल बिछाने की तैयारी में जुटी हुई है। निवेशकों को बिहार में आमंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। ताकि बिहार में अधिक से अधिक उद्योग लगाकर रोजगार के साधन विकसित किया जा सके। राज्य में उद्योग नीति लागू होने के बाद इसमें पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए उद्योग विभाग में एकल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।
इसमें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निवेशक अपनी सभी आवश्यक स्वीकृतियों के लिए एक ही जगह आवेदन कर सकते हैं। हर आवेदन को समय सीमा के अंदर निष्पादन करने का प्रावधान है। इसके अलावा निवेशक ऑनलाइन ही अपने आवेदन की प्रगति को देख सकते हैं। विभाग ने भूमि आवंटन, सब्सिडी वितरण और निरीक्षण जैसी मुख्य प्रक्रियाओं को डिजिटल बना दिया है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की बोली ऑनलाइन या आवेदन के जरिए किया जा रहा है।
विभाग में पारदर्शिता और सुशासन स्थापित- मंत्री दिलीप जायसवाल
वहीं बियाडा की भूमि के रेट पर 50 फीसदी रियायती दर का प्रावधान है। सभी जानकारी सार्वजनिक रहती है। इसी तरह प्रोत्साहनों (सब्सिडी, टैक्स रिफंड) के दावों के लिए भी ऑनलाइन प्रणाली है, जिसमें पात्रता, आवेदन की स्थिति और स्वीकृति सहित सभी पारदर्शी रुप से दिखता है। इसके अलावा विभाग में एक डैस बोर्ड भी बनाया गया है जहां सभी परियोजनाओं में होने वाली प्रगति की निगरानी की जाती है, ताकि अगर कहीं देरी हो तो तुरंत हस्तक्षेप कर उसका समाधान किया जा सके।
इस संबंध में उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि विभाग में पारदर्शिता और सुशासन स्थापित करने के लिए उन्होंने कई आधुनिक डिजिटल और समयबद्ध प्रक्रियाएं लागू की है। विभाग में एकल विंडो सिस्टम लागू किया गया है जहां एक पोर्टल पर निवेशक अपनी सभी आवश्यक स्वीकृतियों के लिए एक ही जगह आवेदन कर सकते हैं। हर आवेदन को समय सीमा के अंदर निष्पादन करने का प्रावधान बनाया गया है।